प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बिहार में एलपीजी पाइपलाइन परियोजना के एक खंड और दो बॉटलिंग संयंत्रों का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन परियोजना का दुर्गापुर-बांका खंड और बांका और चंपारण जिले में दो एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि गैस पाइपलाइन परियोजना से बिहार में उर्वरक , बिजली और इस्पात क्षेत्र के उद्योगों को बढावा मिलेगा और सीएनजी आधारित स्वच्छ यातायात प्रणाली का भी लाभ होगा तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।इस मौके पर बिहार के राज्यपाल फागू चौहान, राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे।
पीएम मोदी ने कहा कि बिहार को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अहम जिम्मेदारी निभानी है। उन्होंने कहा कि हमें बिहार में सुशासन सुनिश्चित करना चाहिए। पिछले 15 वर्ष में किए गए अच्छे काम जारी रहने चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि “हम बिहार के हर एक सेक्टर के विकास को आगे बढ़ा रहे हैं, हर एक सेक्टर की समस्याओं के समाधान का प्रयास कर रहे हैं, ताकि बिहार विकास की नई उड़ान भरे। उतनी ऊंची उड़ान भरे जितना ऊंचा बिहार का सामर्थ्य है।”
उन्होंने कहा कि “आज बिहार में शिक्षा के बड़े-बड़े केंद्र खुल रहे हैं। अब एग्रीकल्चर कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या बढ़ रही है। अब राज्य में IIT, IIM, ट्रिपल IT, बिहार के नौजवानों के सपनों को ऊंची उड़ान देने में मदद कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि बिहार में बिजली की क्या स्थिति थी, ये जगजाहिर है। गांवों में 2-3 घंटे बिजली आ गई तो बहुत माना जाता था। शहरों में भी 8-10 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं मिलती थी। आज बिहार के गांवों में, शहरों में बिजली की उपलब्धता पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा हुई है।
उन्होंने कहा कि “स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना आदि योजनाओं ने बिहार के नौजवानों को स्वरोजगार के लिए जरूरी राशि मुहैया कराई है। सरकार का प्रयास ये भी है कि जिला स्तर पर बिहार के नौजवानों को skill बढ़ाने की ट्रेनिंग दी जाए।” प्रधानमंत्री ने कहा कि “इतनी बड़ी वैश्विक महामारी देश के प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनेकों परेशानियां लेकर आई है।लेकिन इन परेशानियों के बाद भी देश रुका नहीं है, बिहार रुका नहीं है, बिहार थमा नहीं है।”
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण अभी भी हमारे बीच में मौजूद है। ‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं’ दो गज की दूरी, साबुन से हाथ की नियमित सफाई , यहां-वहां थूकने से मनाही,चेहरे पर मास्क इन जरूरी बातों का हमें खुद भी पालन करना है और दूसरों को भी याद दिलाते रहना।
बता दें कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) द्वारा निर्मित 193 किलोमीटर की दुर्गापुर-बांका पाइपलाइन खंड पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन विस्तार परियोजना का हिस्सा है। प्रधानमंत्री ने 17 फरवरी, 2019 को इसका शिलान्यास किया था। दुर्गापुर-बांका खंड मौजूदा 679 किलोमीटर की पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर एलपीजी पाइपलाइन का बांका में नई एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र तक विस्तार है। यह पाइपलाइन पश्चिम बंगाल, झारखंड तथा बिहार से गुजरती है।
अभी इस लाइन में एलपीजी को आईओसी की पारादीप और हल्दिया रिफाइनरी की पाइपलाइन में डाला जाता है। इस पूरी परियोजना के पूर्ण होने के बाद यह सुविधा पारादीप आयात टर्मिनल तथा बरौनी रिफाइनरी से भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा मोदी ने आईओसी के बांका के एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र को भी राष्ट्र को समर्पित किया। इस परियोजना से बिहार व झारखंड की रसोई गैस की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
इस बॉटलिंग संयंत्र का निर्माण 131.75 करोड़ रुपये के निवेश से किया गया है। यह संयंत्र बिहार के भागलपुर, बांका, जमुई, अररिया, किशनगंज और कटिहार जिलों के अलावा झारखंड के गोड्डा, देवघर, दुमका, साहिबगंज तथा पाकुड़ जिलों की जरूरतों को भी पूरा करेगा।
साथ ही मोदी ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि में 1,20,000 टन सालाना क्षमता के एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र का भी उद्घाटन किया। इसका निर्माण 136.4 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। प्रधानमंत्री ने इसका शिलान्यास 10 अप्रैल, 2018 को किया था। बिहार में अक्ट्रबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।


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