जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के अध्यक्ष पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने पटना की एक अदालत में आज दो अलग-अलग मामलों में आत्मसमर्पण किया जहां बाद में उन्हें जमानत पर मुक्त कर दिया गया। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रणविजय सिंह की अदालत में आत्मसमर्पण करने के साथ ही जाप अध्यक्ष की ओर से जमानत पर मुक्त किये जाने की प्रार्थना की गयी थी।
अदालत ने दोनों मामलों में उनकी प्रार्थना स्वीकार करते हुए दस-दस हजार रुपये दो जमानतदारों के साथ उसी राशि का निजी बंध पत्र दाखिल करने पर उन्हें जमानत पर मुक्त करने का आदेश दिया। पहला मामला राजधानी पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में नाजायज मजमा बनाकर सरकारी कार्य में बाधा डालने और सरकारी कर्मचारियों पर जानलेवा हमला करने का था। इस मामले में श्री यादव को पटना उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत की सुविधा दी थी जिस आदेश के आलोक में जाप नेता ने आज न्यायालय में आत्मसमर्पण कर नियमित जमानत प्राप्त की।
वहीं, दूसरा मामला पटना के ही सचिवालय थाना क्षेत्र में इसी साल एक धरना-प्रदर्शन के दौरान सरकारी काम में बाधा डालने और लापरवाहीपूर्वक लोगों को चोट पहुंचाने का है। मामले में पूर्व में गिरफ्तार किये गये पांच लोगों को इसी अदालत ने जमानत दी थी और जाप नेता श्री यादव की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी किया था। अदालत में आत्मसमर्पण करने के साथ ही नियमित जमानत की प्रार्थना की गयी थी जिसे मंजूर कर लिया गया।


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