Ram Vilas Paswan Controversy: बिहार की राजधानी पटना में बजट सत्र के दौरान कही गई एक टिप्पणी ने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक शब्द को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। दरअसल सत्र के दौरान बोधगया से आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत बोल रहे थे। अपने भाषण में उन्होंने दिवंगत नेता Ram Vilas Paswan की राजनीतिक यात्रा का जिक्र किया और पटना में उनकी प्रतिमा लगाने की मांग की। इसी दौरान उन्होंने पासवान के संदर्भ में “बेचारा” शब्द का इस्तेमाल कर दिया।
यह शब्द सुनते ही सत्ता पक्ष के विधायक, खासकर लोजपा (रामविलास) के सदस्य भड़क गए। सदन में जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई। लोजपा विधायकों ने “आरजेडी की पहचान, दलितों का अपमान” जैसे नारे लगाए और पोस्टर भी लहराए। स्थिति को संभालने के लिए विधानसभा अध्यक्ष Prem Kumar ने शांति की अपील की, लेकिन काफी देर तक हंगामा जारी रहा।

Ram Vilas Paswan Controversy: लोजपा का विरोध और प्रदर्शन

सदन के बाहर भी इस बयान को लेकर विरोध तेज हो गया। पटना के करगिल चौक पर लोजपा (रामविलास) के नेताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसद अरुण भारती, प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी और मंत्री संजय पासवान सहित कई नेता मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों ने तेजस्वी यादव का पुतला फूंका और आरजेडी से माफी की मांग की।
Chirag Paswan Reaction: चिराग पासवान ने क्या कहा?
लोजपा नेता और केंद्रीय मंत्री Chirag Paswan ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि रामविलास पासवान गरीबों और दलितों के मजबूत नेता थे। उन्हें “बेचारा” कहना करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पासवान ने करीब 50 साल तक साफ-सुथरी राजनीति की और उन्हें इस तरह संबोधित करना अपमानजनक है।
आरजेडी की सफाई
सोमवार को विधानसभा में फिर इस मुद्दे पर हंगामा हुआ। एनडीए और लोजपा विधायकों ने कुमार सर्वजीत से सार्वजनिक माफी की मांग की। हालांकि, सर्वजीत ने माफी मांगने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि “बेचारा” कोई अपमानजनक शब्द नहीं है और उनका उद्देश्य पासवान का अपमान करना नहीं था। वे केवल उनकी प्रतिमा लगाने की मांग कर रहे थे। आरजेडी के अन्य विधायकों ने भी इस विवाद को सरकार की राजनीतिक रणनीति बताया। पार्टी का आरोप है कि इस मुद्दे को जानबूझकर बढ़ाया जा रहा है ताकि असली मुद्दों से ध्यान हटाया जा सके।
Ramvilas Paswan Bharat Ratna Demand: रामविलास पासवान की राजनीतिक पृष्ठभूमि
रामविलास पासवान बिहार के बड़े दलित नेता थे और कई बार केंद्र सरकार में मंत्री रहे। उनके निधन के बाद उनकी पार्टी दो हिस्सों में बंट गई। एक धड़ा चिराग पासवान के नेतृत्व में है, जो वर्तमान में एनडीए के साथ है। दूसरी ओर आरजेडी विपक्ष में बैठी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार की राजनीति में पासवान परिवार की विरासत बेहद संवेदनशील विषय है। ऐसे में किसी भी शब्द का अलग अर्थ निकाल लिया जाता है।
संभव है कि कुमार सर्वजीत का आशय पासवान के संघर्षपूर्ण जीवन की ओर इशारा करना रहा हो, लेकिन “बेचारा” शब्द ने विवाद को जन्म दे दिया। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं। लोजपा माफी की मांग कर रही है, जबकि आरजेडी पीछे हटने को तैयार नहीं है। इस विवाद ने एक बार फिर बिहार की सियासत में जातीय और भावनात्मक मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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