Patna NEET Student Death Case : 11 जनवरी को पटना NEET छात्रा की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। शनिवार, 14 फरवरी को CBI की टीम शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची. टीम के साथ SIT के अधिकारी और केस की आईओ सचिवालय SDPO डॉ. अन्नू भी मौजूद थीं. करीब साढ़े तीन घंटे तक चली इस पड़ताल में हॉस्टल के उस कमरे को बारीकी से खंगाला गया, जहां छात्रा रहती थी. जहां से उन्हें कई दस्तावेज मिले हैं।
CBI को क्या दस्तावेज मिले, उस से पहले जान लें कि पूरा मामला क्या था –
Patna NEET Student Death Case : क्या था मामला

बता दें, 18 साल की छात्रा जहानाबाद जिले की रहने वाली थी. वह पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET एग्जाम की तैयारी कर रही थी. 6 जनवरी 2026 को शाम को वह अपने कमरे में बेहोश मिली. हॉस्टल के कर्मचारी उसे NMCH हॉस्पिटल ले गए, जहां वह कोमा में चली गई. इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई.
शुरुआत में पुलिस ने इसे सुसाइड बताया. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई. इसके बाद SIT बनाई गई. फॉरेंसिक जांच में कपड़ों से स्पर्म मिला. 18 लोगों के DNA सैंपल लिए गए. लेकिन कोई मैच नहीं हुआ.
CBI Investigation Jehanabad : जांच में क्या आया सामने

बता दें CBI ने कमरे से लेकर एंट्री-एग्जिट गेट तक जांच की। CBI अधिकारियों ने न सिर्फ कमरे की तलाशी ली, बल्कि हॉस्टल के एंट्री और एग्जिट गेट का भी निरीक्षण किया. CCTV फुटेज के आधार पर SIT ने CBI टीम को पूरी घटनाक्रम की जानकारी दी. छात्रा कब हॉस्टल पहुंची, ऑटो से कहां उतरी, किस समय कमरे में गई और उसकी तबीयत कब बिगड़ी. इन सभी सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की गई.
जांच एजेंसी ने यह भी पड़ताल की कि छात्रा को हॉस्टल से बाहर कब और कहां ले जाया गया. क्राइम सीन की परिस्थितियों के हिसाब से लोकेशन और मूवमेंट का मिलान किया जा रहा है.
Patna NEET Student Death : पांच बोरी दस्तावेज जब्त
CBI टीम हॉस्टल से पांच बोरी भरकर कॉपी, किताबें, दस्तावेज और कपड़े अपने साथ ले गई है. इन सामग्रियों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा. टीम आगे सहज सर्जरी और प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल भी जा सकती है. जहां छात्रा को इलाज के लिए ले जाया गया था.
Shambhu Girls Hostel Case : 31 जनवरी को हुई थी CBI जांच की अनुशंसा
बिहार सरकार ने 31 जनवरी को मामले की जांच CBI से कराने की सिफारिश की थी. 12 दिन बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंजूरी मिली. इसके बाद 12 फरवरी को पटना में CBI ने केस दर्ज किया. जांच की जिम्मेदारी ASP पवन कुमार श्रीवास्तव को सौंपी गई.


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