बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय की एक टीम ने गुरुवार को जमुई जिले के खैरा अंचल में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी आशीष कुमार को 60,000 रुपए बतौर रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
बताया गया कि खैरा थाना क्षेत्र के सिंगारपुर निवासी सुरेंद्र सिंह ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को 16 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई थी कि एक जमीन का परिमार्जन करने के लिए राजस्व कर्मचारी आशीष कुमार द्वारा 70 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है।
इस सूचना की जांच में मामले की सत्यता सामने आने के बाद ब्यूरो ने प्रथम दृष्टया उपरोक्त मामले में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधानकर्ता और पुलिस उपाधीक्षक राजन प्रसाद सिंह के नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन किया।
इसके बाद तय समय के मुताबिक, गुरुवार को शिकायतकर्ता खैरा के पंचायत भवन में जैसे ही राजस्व कर्मचारी आशीष कुमार को 60 हजार रुपए बतौर रिश्वत दे रहा था, तभी पहले से तैयार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने राजस्व कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि आरोपी से ब्यूरो की टीम पूछताछ कर रही है। इसके बाद आरोपी को भागलपुर निगरानी की अदालत में पेश किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह सातवीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई है तथा इस वर्ष का यह पांचवां ट्रैप है, जिसमें कांड दर्ज कर रंगे हाथ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
इससे पहले 11 फरवरी को ब्यूरो की टीम ने मुजफ्फरपुर के सरैया थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक रौशन कुमार सिंह को 75 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। उससे पहले छह फरवरी को पटना के रूपसपुर थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक रणजीत कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।


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