Rohini Acharya On Tejashwi Yadav: बिहार की राजनीति में राजद मुखिया लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर लगातार नजरें बनी रहती हैं। ऐसे समय में, जब परिवार और पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरक्षा और राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बीच संतुलन बनाने में लगे हैं, रोहिणी आचार्य ने अचानक कुछ बयान देकर हलचल मचा दी है। उन्होंने अपने भाई और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव पर पार्टी को बर्बाद करने का आरोप लगाया है। रोहिणी ने खुले मंच पर सवालों का सामना करने की चुनौती दी और पार्टी की समीक्षा रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और कार्रवाई न होने पर सवाल उठाया।
रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष और अपने भाई तेजस्वी यादव पर हमला बोला है। उन्होंने तेजस्वी यादव पर पार्टी को बर्बाद करने का आरोप लगाया और चुनौती दी कि वे खुले मंच पर सवालों का सामना करने की हिम्मत दिखाएं।
Rohini Acharya On Tejashwi Yadav, RJD News: पार्टी के हालात पर सवाल
“लालू जी और पार्टी के लिए किसने क्या किया” ये तो लोकसभा , हालिया संपन्न विधानसभा के चुनावी नतीजों और पार्टी की वर्त्तमान स्थिति से ही साफ़ है , जिसे जिम्मेदारी सौंपी गयी उसने, उसके आयातित गुरु और उस गुरु के गुर्गों ने तो लालू जी व् पार्टी के प्रति समर्पित हरेक लालूवादी के दशकों…
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 27, 2026
रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि लालू प्रसाद यादव और पार्टी के लिए किसने क्या किया, यह लोकसभा और हालिया विधानसभा चुनावों के नतीजों और पार्टी की वर्तमान स्थिति से स्पष्ट है। उनका आरोप है कि तेजस्वी यादव, उनके आयातित गुरु संजय यादव और उनके सहयोगियों ने पार्टी को बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया।
Bihar Politics: खुले मंच पर जवाब देने की चुनौती
रोहिणी ने कहा कि सवाल पहले भी उठे थे, आज भी उठ रहे हैं और आगे भी उठेंगे। उन्होंने तेजस्वी यादव से नैतिक साहस दिखाने और खुले मंच पर सवालों का सामना करने की चुनौती दी। उन्होंने यह भी पूछा कि समीक्षा रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई और जिन लोगों पर सवाल उठे, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
Rohini Acharya On Tejashwi Yadav: पहले भी लग चुके हैं आरोप
इससे पहले रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए लिखा था कि सियासत के शिखर पुरुष की गौरवशाली पारी अब समाप्त हो चुकी है और उनके हाथों ‘ठकुरसुहाती करने वालों’ और ‘गिरोह-ए-घुसपैठ’ की ताजपोशी हो गई।


























