बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को हार का मुंह देखना पड़ा, अब हार को लेकर मंथन का दौर शुरू हुआ। गुरुवार को पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर महागठबंधन में शामिल सभी घटक दलों के विधायकों की बैठक हुई, जिसमें आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुन लिया गया।
बैठक के बाद तेजस्वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बहुमत हासिल करने वाली एनडीए और नीतीश कुमार कर जमकर हमला किया। उन्होंने एनडीए पर धन, चाल और बल के दम पर चुनाव में जीत हासिल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, नीतीश कुमार की जेडीयू तीसरे स्थान पर पहुंच गई। अगर उनमें थोड़ा भी विवेक बाकी है, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से अपना मोह छोड़ देना चाहिए।
महागठबंधन ने किया चुनावी हार पर मंथन, लेफ्ट नेता बोले- कांग्रेस का स्ट्राइक रेट कमजोर
तेजस्वी ने कहा, जनता का फैसला महागठबंधन के पक्ष में है, वहीं चुनाव आयोग का नतीजा एनडीए के पक्ष में गया है। 2015 में भी हमारे पक्ष में फैसला आया था, लेकिन बीजेपी चोर दरवाजे से सरकार में आ गई थी। हमने चुनाव में गरीबी, मजदूर, शिक्षा, विकास का मसला उठाया। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार चोर दरवाजे से सत्ता हथियाना चाहते हैं।
उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि जनादेश बदलाव का है। मगर एकबार फिर जनादेश की चोरी की गई है। इसके पहले भी 2015 में ऐसा किया गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम लिए बिना कहा कि जो लोग तीसरे नंबर पर पहुंच गए वे आज भी कुर्सी पर बैठने के लिए तैयार हैं।
नीतीश कुमार पर मनोज झा का तंज, 40 सीट लेकर देख रहे हैं CM बनने का सपना
पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी ने मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर बैलेट पेपर की गिनती बाद में कराई गई और अधिकांश मतों को रद्द कर दिया गया। तेजस्वी ने दावा करते हुए कहा कि एनडीए और महागठबंधन में वोटों का अंतर मात्र 12,270 है, लेकिन 15 सीटें एनडीए को ज्यादा हैं। यह आंकड़ा ही बताती है कि मतगणना में क्या हुआ है।
तेजस्वी ने जनता के मुद्दे उठाते रहने की बात कही और यह भी कहा कि लोगों को धन्यवाद देने के लिए वे जल्द ही ‘धन्यवाद यात्रा’ निकालेंगे। उन्होंने एनडीए के नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि “एनडीए द्वारा किए गए वादे अगर जनवरी तक पूरे नहीं होते हैं तो हम महागठबंधन के दल सड़कों पर उतरेंगे।”


Download Android App
Download iOS App



