राजद प्रदेष महासचिव भाई अरूण कुमार, ने प्रेस बयान जारी कर कहा की सरकार लोगों को मूल मुद्दे से ध्यान को भटकाने के लिए सीएए, एनआरसी का मुद्दा उछाल कर देश में बवाल पैदा किए हुए हैं। जबकि आज स्थिति यह है कि पिछले 45 वर्षों में ऐसी महंगाई की स्थिति नहीं आई थी एवं देश की आर्थिक स्थिति भी 45 वर्षों में पहली बार इतनी चरमरा गई है।
सरकार की स्थिति इतनी बुरी हो गई है कि वह रिजर्व बैंक से पैसा लेकर सरकार का खर्चा चला रही है। सरकार मुनाफे वाली कंपनियों को भी बेच रही है और बेचकर सारे पैसे को अदानी और अंबानी जैसे पूंजी पतियों को लूट बा रही है। जिससे देश की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है और देश में महंगाई अपने चरम पर हैं।
एन ए ओ ने जो रिपोर्ट जारी किया है। उसमें दिसंबर 2019 में मुद्रा स्फीति की दर 14. 12 बतलाया गया है। जो कि पिछले साल दिसंबर 2018 में यह आंकड़ा 2 .65 % था जबकि केंद्र सरकार ने रिजर्व बैंक को यह आदेश दिया था की मुद्रास्फीति की दर 4% से ज्यादा नहीं रहनी चाहिए परंतु जो रिपोर्ट जारी हुआ है।
उससे महंगाई की भयावह स्थिति मालूम पड़ रही है वही भारतीय स्टेट बैंक ने अपने जारी रिपोर्ट में कहा है। कि सिर्फ बैंकिंग क्षेत्र में 16 लाख नौकरियां घटी है जो की चिंता का विषय है। श्री कुमार ने कहा कि सरकार देश को महंगाई बेरोजगारी के आग में झोंक कर लोगों को सी ए ए एवं एनआरसी के मुद्दे पर भटका रही है परंतु देश का नौजवान जिस दिन जाग जाएगा उस दिन बाहर निकल कर जब सरकार का विरोध करेगा तो सरकार को मुंह छिपाने के लिए जगह नहीं मिलेगी।


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