बिहार में जमुई महिला से नाबालिग बेटे के सामने सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। विरोध करने पर आरोपियों ने महिला के साथ मारपीट भी की। इतना ही नहीं पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए आरोपियों ने 24 घंटे तक मां-बेटे पर नजर बनाए रखी।
मामला जुमई के चकाई थाना क्षेत्र का है, जहां सोमवार रात को बेटे के साथ सो रही महिला के घर में आरोपी सुखदेव यादव और महेंद्र यादव घर में घुस गए और उसके साथ अभद्र व्यवहार करने लगे। उन्होंने हथियार के बल पर मां-बेटे को बंधक बना लिया।
शोर करने पर आरोपियों ने महिला और उसके बेटे के साथ मारपीट की। फिर उसके सामने ही दोनों ने उसकी मां के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। मां ने जब विरोध किया तो दबंगों ने उस पर चाकू से हमला किया जिसमें वह बुरी तरह से घायल हो गई। जाते-जाते मां को कहा कि केस करने पर बेटे को जान से मार देंगे।
महिला के मुताबिक जब उसने घर से बाहर निकलकर शिकायत दर्ज करनी चाही तो दोनों आरोपी उसके घर पर नजर बनाए हुए थे। लेकिन मंगलवार की रात जैसे ही मौका मिला पीड़ित महिला अपने नाबालिग बच्चे के साथ घर से भागकर थाने पहुंच गई और पुलिस को अपना बयान देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
थानाध्यक्ष द्वारा पहले इलाज करने के लिए रेफरल अस्पताल चकाई भेज दिया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां महिला गंभीर रूप से घायल महिला का इलाज किया जा रहा है। मामले में चकाई थानाध्यक्ष राजीव कुमार तिवारी ने कहा कि महिला ने मारपीट और छेड़छाड़ की बात कही थी। महिला घायल थी इसलिए बयान लेने के बाद उसे पहले इलाज कराने के लिए बोला गया। उसे सदर अस्पताल भेजा गया है।
महिला ने सदर अस्पताल में यह बयान दिया है कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। लेकिन इस मामले में पूर्व में चकाई में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। इसलिए उसके बयान को चकाई थाना भेजकर प्राथमिकी को अपडेट कराया जाएगा। पीड़िता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।


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