गृह मंत्रालय द्वारा जारी नयी गाइड लाइन्स के बाद प्रवासी मजदूरों को स्पेशल ट्रेनों के जरिये उनके घरों तक पहुंचने का काम शुरू हो चुका है। बिहार के मजदूरों के लिए भी एक राहत की खबर आयी है जिसमे लॉकडाउन लागू होने के बाद फंसे 1187 प्रवासी मजदूरों को जयपुर से लेकर पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन शनिवार को पटना के दानापुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। पूर्व मध्य रेलवे , हाजीपुर के जन संपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को रात दस बजे जयपुर से 24 डिब्बों वाली यह ट्रेन रवाना हुई थी और शनिवार को करीब दो बजे पहुंची।
उन्होंने बताया कि सभी यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग की जाएगी और उसके लिए 20 मेडिकल टीमें लगायी गयी हैं। पटना के संभागीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने कहा, ‘‘ मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें भोजन देकर फिर बसों से संबंधित जिलों में भेजा जाएगा।’’ उन्होंने बताया कि इन यात्रियों को उनके गृह जिलों में भेजने के लिए दानापुर रेलवे स्टेशन पर करीब 100 बसें उपलब्ध करायी गयी हैं। इन बसों में बैठने की व्यवस्था एक दूसरे से दूरी के नियम को ध्यान में रखकर की गयी है। बसों में आधी सीटें ही भरेंगी।
वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर लाॅकडाउन के कारण दूसरे राज्यों में फॅसे हुये प्रवासी मजदूरों, छात्र-छात्राओं, श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं अन्य लोगों के आवागमन को लेकर केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में दी गयी छूट के निर्णय पर केन्द्र सरकार को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा है कि ये निर्णय उपयुक्त एवं स्वागतयोग्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमलोगों का आग्रह था और उस पर केन्द्र सरकार ने सकारात्मक निर्णय लिया है। इससे बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों में फॅसे हुये बिहार आने को इच्छुक प्रवासी मजदूरों, छात्र-छात्राओं, श्रद्धालुओं, पर्यटकों तथा अन्य लोगों को यहाॅ आने में सुविधा होगी और उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश का अनुपालन जनहित में है और सबको इसका पालन करना चाहिये। बिहार सरकार ने इस मामले में केन्द्र सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम के अन्तर्गत जारी दिशा-निर्देशों का हमेशा अनुपालन किया है।


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