लोकसभा चुनाव 2024

पहला चरण - 19 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

102 सीट

दूसरा चरण - 26 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

89 सीट

तीसरा चरण - 7 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

94 सीट

चौथा चरण - 13 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

96 सीट

पांचवां चरण - 20 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

49 सीट

छठा चरण - 25 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

सातवां चरण - 1 जून

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

लोकसभा चुनाव पहला चरण - 19 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

102 सीट

अपनी ही शर्तों पर ‌फिल्में करने वाले कलाकार थे ‘काउब्वाय’ फ‌िरोज खान

NULL

हिन्दी फिल्मों के निर्माता, निर्देशक और अभिनेता फिरोज खान बॉलीवुड की ऐसी शख्सियत के रूप में याद किये जाते हैं जिन्होंने फिल्म निर्माण की अपनी विशेष शैली बनायी थी। फिरोज खान की निर्मित फिल्मों पर नजर डालें तो उनकी फिल्में बड़ी बजट की हुआ करती थीं, जिनमें बड़े-बड़े सितारे, आकर्षक और भव्य सेट, खूबसूरत लोकेशन, दिल को छू लेने वाला गीत-संगीत और उम्दा तकनीक देखने को मिलती थी।

FZ1

अभिनेता के रूप में भी फिरोज खान ने बॉलीवुड के नायक की परम्परागत छवि के विपरीत अपनी एक विशेष शैली गढ़, जो आकर्षक और तड़क-भड़क वाली छवि थी। उनकी अकड़कर चलने की अदा और काउब्वॉय वाली इमेज दर्शकों के मन में आज भी बसी हुई है। वह पूर्व के ‘क्लाइंट ईस्टवुड’ कहे जाते थे और फिल्म उद्योग के ‘स्टाइल आइकॉन’ माने जाते थे।

FZ2

बेंगलुरु में 25 सितम्बर 1939 को जन्मे फिरोज खान ने बेंगलुरु के बिशप कॉटन ब्वॉयज स्कूल तथा सेंट जर्मन ब्वॉयज हाई स्कूल से पढ़ाई की और अपनी किस्मत आजमाने के लिए मुंबई आ गए। वर्ष 1960 में फिल्म ‘दीदी’ में उन्हें पहली बार अभिनय करने का मौका मिला। इस फिल्म में वह सहनायक थे। इसके बाद अगले पांच साल तक अधिकतर फिल्मों में उन्हें सहनायक की भूमिकाएं ही मिलीं।

FZ3

जल्दी ही उनकी किस्मत का सितारा चमका और उन्हें 1965 में फणी मजूमदार की फिल्म ‘ऊंचे लोग’ में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म में फिरोज खान के सामने अशोक कुमार और राजकुमार जैसे बड़े कलाकार थे लेकिन अपने भावपूर्ण अभिनय से वह दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाने में सफल रहे।

FZ4

वर्ष 1965 में फिरोज खान की एक और फिल्म‘आरजू’प्रदर्शित हुई जिसमें राजेन्द्र कुमार नायक और साधना नायिका थीं। इस फिल्म में उन्होंने अपने प्रेम की कुर्बानी देने वाले युवक का किरदार निभाया। वर्ष 1969 में उनकी फिल्म आयी ‘आदमी और इंसान’ इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला। फिरोज खान अपने भाई संजय खान के साथ भी कुछ फिल्मों में दिखाई दिए।  नमें ‘उपासना‘, ‘मेला’ और ‘नागिन’ जैसी हिट फिल्में शामिल हैं।

FZ5

वर्ष 1972 में प्रदर्शित फिल्म ‘अपराध’ से फिरोज खान ने निर्माता, निर्देशक के रूप में अपनी पारी की सफल शुरुआत की। इसके बाद फिरोज खान  ने ‘धर्मात्मा‘, ‘कुर्बानी‘,‘ जांबाज‘, ‘दयावान‘, ‘यलगार‘, ‘प्रेम अगन‘, ‘जानशीं’ जैसी कुछ फिल्मों का निर्माण किया। फिल्म निर्माण और निर्देशन के क्रम में फिरोज खान ने हिन्दी फिल्मों में कुछ नयी बातों का आगाज किया।

FZ6

‘अपराध’ भारत की पहली फिल्म थी जिसमें जर्मनी में कार रेस दिखाई गई थी। ‘धर्मात्मा’ की शूटिंग के लिए वह अफगानिस्तान के खूबसूरत लोकेशनों पर गए। इससे पहले भारत की किसी भी फिल्म का वहां फिल्मांकन नहीं किया गया था। अपने करियर की सबसे हिट फिल्म ‘कुर्बानी’ से फिरोज खान ने पाकिस्तान की पॉप गायिका नाजिया हसन के संगीत करियर की शुरुआत करायी।

FZ7

फिरोज खान उन चंद अभिनेताओं में एक थे, जो अपनी ही शर्त पर फिल्म में काम करना पसंद करते थे। इस वजह से उन्होंने कई अच्छी फिल्मों के प्रस्ताव ठुकरा दिए थे। राजकपूर की फिल्म ‘संगम’ में राजेन्द्र कुमार और ‘आदमी’ फिल्म में मनोज कुमार वाली भूमिका के लिये उन्होंने मना कर दिया था। वर्ष 2003 में फिरोज खान ने अपने पुत्र फरदीन खान को लांच करने के लिये‘जानशीन’का निर्माण किया।

FZ8

बॉलीवुड में लेडी किलर के नाम से मशहूर फिरोज खान ने चार दशक लंबे अपने सिने करियर में लगभग 60 फिल्मों में अभिनय किया। अपने विशिष्ट अंदाज से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाने वाले फिरोज खान 27 अप्रैल 2009 को इस दुनिया को अलविदा कह गये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

one × 3 =

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।