जावेद अख्तर अक्सर अपने बयानों के चलते विवादों में घिरे रहते हैं। उनके बेबाक बोल कई बार इतने भारी पड़ जाते हैं कि लोग उनकी गिरफ्तारी की मांग भी करने लगते हैं। हाल ही में कुछ ऐसा ही हुआ है। दरअसल जावेद अख्तर ने कुख्यात संगठन तालिबान की तुलना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद से कर दी है। इसके बाद से उन्हें हर जगह से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा कार्यकर्ता मुंबई में स्थित उनके घर के सामने लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

इतना ही नहीं देश के कई हिस्सों में उनके पुलते भी फूंके जा रहे हैं। आपको बता दे, एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि आरएसएस का समर्थन करने वाले लोगों की मानसिकता भी तालिबानियों जैसी है। जो लोग आरएसएस का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें अपने दिमाग की जांच करानी चाहिए। जिस संगठन का आप समर्थन कर रहे हैं, उसमें और तालिबान में कोई फर्क नहीं है। जावेद अख्तर के इस बयान के बाद हर तरफ उनकी गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। इतना ही नहीं उनके खिलाफ केस भी दर्ज हो चुका है।

भारत में भीड़ द्वारा अल्पसंख्यकों की पिटाई की कुछ घटनाओं पर अख्तर ने कहा, ‘यह पूरी तरह से तालिबान बनने का एक तरह से फुल ड्रेस रिहर्सल है। ये तालिबानी हरकतों को अपना रहे हैं। ये एक ही लोग हैं, बस नाम का फर्क है। उनके लक्ष्य और उनके बीच में भारत का संविधान आड़े आ रहा है लेकिन अगर मौका मिले तो ये इस बाउंड्री को पार कर जाएंगे।’ वही अब सोमवार को मुंबई में लेखक-गीतकार जावेद अख्तर के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी, जब महाराष्ट्र के भाजपा विधायक ने उनकी टिप्पणी पर उनसे माफी मांगने की मांग की, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर तालिबान के साथ आरएसएस की तुलना की थी।


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