Dhurandhar 2 Climax: डायरेक्टर आदित्य धर की फिल्म ‘ धुरंधर 2: द रिवेंज‘ की इमोशनल एंडिंग ने फैंस को लगभग रुला ही दिया था. कई लोगों ने इसे अंडरकवर एजेंट जसकिरत सिंह रांघी की कहानी का एकदम सही एंड बताया, जबकि कुछ लोग इससे अलग एंडिंग की उम्मीद कर रहे थे. लेकिन अब भी सवाल वही है कि आखिर जसकीरत अपने घर के सामने पहुंचकर भी अपनी मां और बहन से मिलने क्यों नहीं गया? इसके कई कारण हो सकते हैं, तो चलिए इन कारणों पर भी एक नजर डाल लेते हैं.
लगभग दो दशकों के बाद जब जसकीरत अपने होम टाउन पठानकोट लौटता है, तब उसकी आंखो में आंसू होते हैं और दिल भरा हुआ दिखाई देते है. जबकि उसकी मां और बहन अपनी जिंदगी में काफी खुश नजर आ रहे होते हैं. लेकिन यहीं आता है असली क्लाइमैक्स क्योंकि अब जसकीरत और उसकी मां दोनों की ओर से सोचा जाए, तो ये सिचुएशन किसी के लिए भी काफी क्रीटिकल हो सकती है और यहां पर इन दोनों के ना मिलने की करीब 4 वजह सामने आ रही है.
1. Move On

अगर जसकीरत की ओर से सोचा जाए, तो वो अपने घर पहुंचने के बाद ये देखता है कि उसकी मां खुश है और बहन भी अपने डेली के कामों में बिज़ी है. इसी के साथ उसके भांजे भी घर में मस्ती करते दिखाई देते हैं.
तो उसको ये लगा होगा कि अगर मैं घर वापस जाउंगा तो कही ये खुशियां फिर से मातम में ना बदल जाएं, क्योंकि उसके परिवार की नजर में उसकी मौत 20 साल पहले ही हो चुकी होती है और फिर अचानक से अगर जसकीरत अपनी फैमिली से मिलेगा, तो उन्हें खुशी तो होगी लेकिन जो 20 साल से बिछड़े रहने का ट्रोमा जसकीरत के परिवार को मिला है, उससे वो उबर नहीं पाएंगे. क्योंकि वो जसकीरत से मूव ऑन कर चुके हैं.
2. Financial Problem

अगर आपने फिल्म देखी है तो आपको तो ये बात पता ही होगी कि जसकीरत को इंडियन इंटेलिजेंस की ओर से ये साफ कहा गया था कि जब तक वो अपनी फैमिली से नहीं मिलता, तब तक उसकी मां को 30000 रूपये हर महीनें दिए जाएंगे और उसकी पूरी लाइफ सिर्फ इंडियन इंटेलिजेंस के नाम ही रहेगी.
तो ऐसे में जसकीरत को ये लग सकता है कि अगर वो अपनी मां और बहन से मिला तो ये पता चल जाएगा कि वो जिंदा है और फिर सरकार की ओर से उसकी मां को 30000 रूपये मिलने बंद हो जाएंगे. इसी के साथ जसकीरत के पास भी कोई काम फिलहाल है नहीं, इसलिए उसनें अपनी मां और बहन से मिलना सही नहीं समझा होगा.
3. Spy Life

वहीं अगर इसे एक जासूस की जिंदगी के तौर पर देखें तो ये दिखाता है कि, जिसने लगभग अपनी पूरी जिंदगी अपने देश के लिए समर्पित कर दी, उसके पास एंड में जब कोई उद्देश्य नहीं रहा तो उसके आसपास के सभी लोग भी उसे भुल गए. इसके अलावा आखिर में वो जासूस बस अपने अंदरूनी घाव और भावनाओं के अलावा और कुछ अपने साथ नहीं रख पाता, बस वो अकेला रह जाता है.
4. Ignorance

यहां पर इस सीन से ये भी पता चलता है कि जसकीरत की मां ने उसे एक नजर देखकर अनदेखा कर दिया और फिर वो अंदर चली गई, तो हो सकता है कि ये ईश्वर का उसे ये बताने का तरीका है कि अभी सही समय नहीं है और उसे अभी भी धर्म के साथ अपने देश के लिए लड़ना है, इसलिए उसे फिलहाल उनसे मिलने की अपनी इच्छा को खत्म करना होगा.
5. Short Life

इस सीन से एक बात और सीखने को मिलती है कि जिंदगी बहुत ही तेज़ चलती है और हमें जीनें के लिए बेहद ही कम वक्त मिलता है. इसलिए हर किसी के पास हर चीज़ को पाने का कोई दूसरा मौका नहीं होता, इसलिए जब तक आपके पास कोई चीज़ है, तब तक उसकी वैल्यू कर लो, वरना उसके जाने के बाद बस आपको यादों में तड़पना ही पड़ा है और कोई दूसरा ऑप्शन नहीं होता. यह सीन हमें बहुत सारे सबक सिखाता है, जिसमें बिछड़ना, दर्द, समझ, शांति, जीवन, संघर्ष और कैसे जिंदा रहना है ये सारी चीजें शामिल हैं.
धुरंधर 2: द रिवेंज के क्लाइमेक्स सीन में जसकिरत के अपने घर पर ये एकदम शांत वापसी है, क्योंकि वह उस जगह लौट रहा है जिसे उसे कभी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था. जबकि उसकी मां और छोटी बहन तो लंबे समय से उसे मरा हुआ मान रही थीं. ये सीन वाकई में कई मायनों में हमें बहुत सी सीख देकर जाता है.






















