K. Bhagyaraj Net Worth: दक्षिण भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ ऐसे नाम हैं, जिनके बिना फिल्म मेकिंग की परिभाषा अधूरी लगती है। ऐसा ही एक चमकता हुआ सितारा हमेशा के लिए बुझ गया। तमिल सिनेमा के दिग्गज निर्देशक, अभिनेता और बेजोड़ लेखक के. भाग्यराज (K. Bhagyaraj) अब हमारे बीच नहीं रहे। चेन्नई के अपोलो अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने के बाद 73 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके अचानक चले जाने से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा तमिल और भारतीय सिनेमा जगत गहरे शोक में डूब गया है। अपनी फिल्मों से करोड़ों दिलों को जीतने वाले भाग्यराज अपने पीछे लगभग 70 करोड़ रुपये का साम्राज्य और फिल्मों का एक अनमोल खजाना छोड़ गए हैं।
K. Bhagyaraj Net Worth: 70 करोड़ की कुल संपत्ति और बेमिसाल फिल्में…

7 जनवरी 1953 को तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में जन्मे कृष्णास्वामी भाग्यराज (के. भाग्यराज) को तमिल सिनेमा का ‘किंग ऑफ स्क्रीनप्ले’ कहा जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1977 में आई मशहूर फिल्म ’16 वयथिनिले’ से बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर की थी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
अपने शानदार करियर में उन्होंने करीब 25 फिल्मों का सफल निर्देशन किया। उनकी कहानी कहने की शैली बेहद अनोखी थी—वे ग्रामीण परिवेश, मध्यमवर्गीय परिवारों के ताने-बाने और मानवीय रिश्तों की गहरी भावनाओं को हल्के-फुल्के अंदाज और बेहतरीन हास्य (Humor) के साथ बड़े पर्दे पर उतारते थे। यही वजह थी कि दर्शक उनकी फिल्मों से खुद को जुड़ा हुआ पाते थे।
70 करोड़ का साम्राज्य और आलीशान लाइफस्टाइल

के. भाग्यराज ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा—लेखन, निर्देशन, अभिनय और संगीत—के दम पर न केवल नाम कमाया, बल्कि एक बड़ी संपत्ति भी खड़ी की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिवंगत फिल्ममेकर अपने पीछे करीब 70 करोड़ रुपये की कुल नेट वर्थ छोड़ गए हैं।
आलीशान आशियाना: चेन्नई के पॉश इलाके में उनका एक बेहद खूबसूरत और आलीशान बंगला है, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी जाती है।
कमाई का जरिया: उनकी कमाई का मुख्य जरिया उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्में, उनकी लिखी कहानियों के कॉपीराइट्स और सिनेमा से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट्स रहे।
फिल्मी परिवार: भाग्यराज का पूरा परिवार भी इसी चमचमाती दुनिया का हिस्सा है। उनकी पत्नी पूर्णिमा अपने दौर की जानी-मानी अभिनेत्री रही हैं, वहीं उनके बेटे शांतनु भी तमिल सिनेमा के एक स्थापित अभिनेता हैं। उनकी एक बेटी भी हैं जिनका नाम शरण्या है।
जब बॉलीवुड के ‘शहंशाह’ को किया डायरेक्ट

के. भाग्यराज का जादू सिर्फ साउथ तक ही सीमित नहीं था। हिंदी सिनेमा के दर्शक भी उनके हुनर के कायल रहे हैं। साल 1986 में आई बॉलीवुड की कल्ट क्लासिक एक्शन-क्राइम फिल्म ‘आखिरी रास्ता’ के लेखक और निर्देशक खुद के. भाग्यराज ही थे। इस फिल्म में उन्होंने महानायक अमिताभ बच्चन को डबल रोल में निर्देशित किया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी और आज भी इसे हिंदी सिनेमा की बेहतरीन थ्रिलर फिल्मों में गिना जाता है।


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