क्या ‘Mai Vaapas Aaunga’ है एंटी इंडिया फिल्म?, थिएटर जानें से पहले जरूर पढ़ें ये रिव्यू

Summary :

Mai Vaapas Aaunga Review: रोमियो-जूलियट, हीर-रांझा और लैला-मजनू जैसी लव स्टोरी की तरह अधूरे इश्क की एक और इमोशनल स्टोरी लेकर आए हैं इम्तियाज अली। उनकी नई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ प्यार, जुदाई और इतिहास के सबसे दर्दनाक पल भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की कहानी में बुनी गई एक इमोशनल कहानी है। इस फिल्म में प्यार सिर्फ एक एहसास नहीं, बल्कि जंग, विस्थापन और बिछड़ने के दर्द से होकर गुजरता हुआ एक्सपीरिएंस बन जाता है। Mai Vaapas Aaunga Story: कहानी क्या है? कहानी है इशर सिंह ग्रेवाल उर्फ कीनू (नसीरुद्दीन शाह) की, जो 95 वर्ष की उम्र में जीवन के अंतिम…

Mai Vaapas Aaunga Review: रोमियो-जूलियट, हीर-रांझा और लैला-मजनू जैसी लव स्टोरी की तरह अधूरे इश्क की एक और इमोशनल स्टोरी लेकर आए हैं इम्तियाज अली। उनकी नई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ प्यार, जुदाई और इतिहास के सबसे दर्दनाक पल भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की कहानी में बुनी गई एक इमोशनल कहानी है। इस फिल्म में प्यार सिर्फ एक एहसास नहीं, बल्कि जंग, विस्थापन और बिछड़ने के दर्द से होकर गुजरता हुआ एक्सपीरिएंस बन जाता है।

Mai Vaapas Aaunga Story: कहानी क्या है?

Mai Vaapas Aaunga Review
Mai Vaapas Aaunga Review (Source: Google)

कहानी है इशर सिंह ग्रेवाल उर्फ कीनू (नसीरुद्दीन शाह) की, जो 95 वर्ष की उम्र में जीवन के अंतिम पड़ाव पर हैं। डिमेंशिया से जूझते हुए भी उनकी यादों में आज भी बस एक नाम जिंदा है, उनका पहला प्यार जिया (शर्वरी वाघ)। कीनू का अतीत हमें आज़ादी से पहले के दौर में ले जाता है, जहां वह एक साधारण युवक (वेदांग रैना) के रूप में जिया के प्यार में डूबा होता है।

दोनों का रिश्ता मासूमियत और भरोसे पर टिका होता है, लेकिन समय और हालात उनके बीच दीवार बनकर खड़े हो जाते हैं। देश के बंटवारे के दौरान मची अफरा-तफरी में कीनू अपने प्यार से बिछड़ जाता है और बिना अलविदा कहे पाकिस्तान छोड़ देता है। पर 78 साल बाद भी उसका दिल उसी अधूरी मुलाकात में अटका हुआ है।

अब अपने आखिरी समय में वह एक बार फिर सरगोधा जाकर अपनी जिया से मिलना चाहता है। इस सफर में उसका पोता निर्वैर (दिलजीत दोसांझ) उसकी आखिरी इच्छा पूरी करने में मदद करता है।

Mai Vaapas Aaunga Film: फिल्म कैसी है? (रिव्यू)

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Mai Vaapas Aaunga Review (Source: Google)

इम्तियाज अली की यह फिल्म शुरुआत में एक साधारण पीरियड लव स्टोरी लगती है, जो खूबसूरत विजुअल्स के साथ आगे बढ़ती है। हालांकि, पहले हाफ की रफ्तार बेहद धीमी है। कीनू और जिया के बीच के रोमांटिक पल कई जगह खिंचे हुए और दोहराव वाले महसूस होते हैं। फ्लैशबैक और वर्तमान के बीच बदलती कहानी कई बार दर्शकों को थोड़ा कन्फ्यूज भी कर सकती है।

धीमी शुरुआत की वजह से फिल्म का पहला हिस्सा कुछ दर्शकों के लिए कुछ खास साबित नहीं हो सकता है। लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म पूरी तरह करवट लेती है। ऐसे में दूसरा हाफ ज्यादा प्रभावशाली, इमोशनल और पकड़ बनाए रखने वाला है। यहां से कहानी दर्शकों को बांध लेती है और अंत तक भावनाओं की गहराई में ले जाती है।

Mai Vaapas Aaunga Direction:  निर्देशन और अभिनय

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Mai Vaapas Aaunga Review (Source: Google)

इम्तियाज अली ने लव स्टोरी को सिर्फ रोमांस तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसमें युद्ध, विस्थापन और इंसान के दर्द को भी जोड़कर इसे और गहराई दी है। नसीरुद्दीन शाह फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरते हैं। उनकी एक्टिंग काफी प्रभावशाली और संवेदनशील है, जो पूरी कहानी को मजबूती देती है।

दिलजीत दोसांझ ने भी अपने किरदार निर्वैर को सादगी और ईमानदारी के साथ निभाया है। वेदांग रैना ने युवा कीनू के किरदार में अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि शर्वरी वाघ ने जिया के रूप में मासूमियत और खूबसूरती दोनों को बखूबी पेश किया है। सहायक कलाकारों में डॉली अहलूवालिया का एक सीन खास तौर पर इमोशनल कर देता है, जबकि रजत बेदी, बनीता संधू, मनीष चौधरी, रजित कपूर और अंजना सुखानी अपने-अपने हिस्से में ठीक-ठाक नजर आते हैं।

Mai Vaapas Aaunga Review: तकनीकी पक्ष

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Mai Vaapas Aaunga Review (Source: Google)

सिल्वेस्टर फोंसेका की सिनेमैटोग्राफी पुराने भारत और बंटवारे के दर्द को प्रभावी ढंग से दर्शाती है। वहीं एआर रहमान का म्यूजिक कहानी की भावनाओं को और गहराई देता है, हालांकि कुछ गाने जैसे ‘मसकारा’ और ‘क्या कमाल है’ ज्यादा प्रभाव छोड़ते हैं। एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के भावनात्मक टोन को बनाए रखने में मदद करते हैं।

Conclusion: निष्कर्ष

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Mai Vaapas Aaunga Review (Source: Google)

‘मैं वापस आऊंगा’ एक धीमी शुरुआत के बावजूद दूसरे हाफ में मजबूती से उभरती है। यह फिल्म सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि बिछड़ने, इंतजार और इतिहास के दर्द की एक गहरी तस्वीर पेश करती है। अगर आप थ्रिल और सस्पेंस से भरी फिल्में देखना पसंद करते हैं तो आपके लिए हो सकता है ये फिल्म थोड़ी बोरियत भरी हो।

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Rishabh Pandey

ऋषभ पांडे पिछले पांच साल से पत्रकारिता के फील्ड में काम कर रहे हैं, उन्होंने अपनी शुरुआत Zee News चैनल से की थी, इसके बाद उन्होंने News 24 में पॉलिटिकल, एंटरटेनमेंट न्यूज और क्राइम से जुड़ी खबरें लिखीं और बतौर प्रोड्यूसर भी एंटरटेनमेंट बीट पर काम किया, अब ऋषभ Punjab Kesari में एंटरटेनमेंट और स्पोर्टस बीट पर बतौर Sub Editor (हिंदी में) काम कर रहे हैं।