साउथ फिल्मों से शुरुआत
प्रिया ने चार साल पहले बॉलीवुड में दस्तक दी थी। शुरुआती समय हर किसी के लिए मुश्किल भरा होता है क्योंकि यहां की परिस्थितियों के बारे में कोई अच्छी तरह से नहीं जा पाता। जब यहां काम शुरू होता है, तभी सच्चाई का पता चलता है। शुरू-शुरू में प्रिया को भी थोड़ी मुश्किल झेलनी पड़ी लेकिन ऐसे हालात सामने आएंगे, इसका अंदाजा भी प्रिया को था और वो इसके लिए तैयार थी। आरंभिक दिनों में प्रिया ने कुछ विज्ञापनों में काम किया लेकिन इस फील्ड को वह ज्यादा वक्त नहीं दे पाई क्योंकि उसे एक्टिंग लाइन में ही आगे बढऩा था।
धीरे-धीरे ऑडीशन्स देने शुरू किए और तेलुगू फिल्म उनके हाथ लग गई। प्रिया कहती हैं कि उन्हें ऑडीशन्स के लिए बहुत ज्यादा धक्के नहीं खाने पड़े। मेरी एक फ्रेंड ने मुझे बताया था कि साउथ की एक फिल्म के लिए ऑडीशन्स चल रहे हैं, तुम भी प्रयास कर लो। मैं चली गई और तुरंत काम मिल गया। प्रिया अब तक साउथ की चार फिल्मों में काम कर चुकी है, जिनमें तीन तेलुगू हैं और एक तमिल।
साउथ में काम करने के तौर-तरीकों को लेकर प्रिया कहती हैं कि बहुत ज्यादा फर्क नहीं है। चिल्ल-पौं तो हर जगह रहती है। जब बड़ा सेट होता है तो अफरा-तफरी में काम चलता है। हिंदी की तरह साउथ की फिल्मों में भी ऐसा होता है लेकिन साउथ एक मामले में थोड़ा डिफरेंट है और वो इसलिए कि यहां काम की पूजा की जाती है। काम को लेकर किसी में आलस्य नजर नहीं आता। बता दें कि प्रिया की पहली हिंदी फिल्म ऐश्वर्या राय की ‘जज्बा’ थी। प्रिया कहती हैं कि वह अभी टीवी धारावाहिकों में काम नहीं करना चाहती। अभी फोकस फिल्मों की तरफ ही है।
मिलनसार हैं बॉलीवुड के लोग…
बॉलीवुड को लेकर प्रिया की सोच काफी क्लीयर है। वो कहती हैं कि मैंने सुन रखा था कि बॉलीवुड बहुत बुरी जगह है लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता। यहां अच्छे लोग भी हैं जो आपको आगे बढ़ाने के लिए आपको प्रेरित करते हैं। प्रिया कहती हैं कि वो बचपन से ही शाहरुख खान की फिल्में देखती आई हैं। अभिनेत्रियों में वो प्रियंका चोपड़ा और करीना कपूर का नाम लेती हैं।
डरे हुए थे पैरेंट्स
इंडिया में एक्टिंग करने को लेकर पैरेंट्स ने सपोर्ट तो किया लेकिन वो डरे हुए थे कि मुंबई में कोई संपर्क नहीं है। अकेली जाकर क्या करेगी। कैसे रहेगी। हालांकि वे जानते थे कि प्रिया एक न एक दिन ऐसा डिसीजन लेने वाली है जिसके लिए उन्होंने भी खुद को मानसिक रूप से तैयार कर लिया था। पापा ने मेरा हौंसला बढ़ाया और कहा कि अपना ध्यान रखना और मनोबल को टूटने मत देना। तुम अगर इंडिया जा रही हो तो वहां दिखा देना कि देश के बाहर भी अच्छा टैलेंट है। यहां मेरा किसी से कोई संपर्क नहीं था। अकेली आई थी और अपना रास्ता बनाने की कोशिश करने लगी। दिलेरी मुझमें बचपन से ही थी इसलिए अकेले रहने में कोई डर नहीं लगा।
एक्टिंग सीखने के इरादे से आईं थीं इंडिया
प्रिया कहती हैं कि वो इंडिया में एक्टिंग सीखने के इरादे से आईं थीं। यहां उन्होंने अनुपम खेर का एक्टिंग स्कूल ज्वॉइन किया। उन्होंने काफी प्रेरित किया। अनुपम जी ने मुझे कहा था कि तुझमें पोटेंशियल है इसलिए इस लाइन में पीछे मत रहना।


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