Rekha Top Movies : बॉलीवुड की बात हो और Rekha का ज़िक्र न आए ये तो फिल्मी दुनिया के साथ नाइंसाफी होगी! अपनी कातिलाना खूबसूरती, दिल छू लेने वाले अभिनय और गज़ब के स्क्रीन प्रेज़ेंस से Rekha ने हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर पर राज किया है। उनके पास ऐसा चार्म है कि कैमरा खुद उनसे प्यार करने लगता है।रेखा की हर फिल्म में एक अलग जादू होता है कभी वो नाज़ुक दिल वाली शायरा बन जाती हैं, तो कभी बदला लेने को तैयार आग की लपट तो आइए बॉलीवुड की क्वीन Rekha की 5 टॉप फिल्मों पर एक नज़र डालते हैं—जिन्होंने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया बल्कि दर्शकों के दिलों पर कब्ज़ा भी कर लिया।
उमराव जान (1981) – रेखा की अदाओं का जादू जिसने पूरे देश को दीवाना बना दिया

अगर बॉलीवुड का इतिहास लिखा जाएगा, तो उमराव जान को एक कलाकृति के रूप में ज़रूर जगह मिलेगी। रेखा बनीं खूबसूरत तवायफ़ – दिल, दर्द और इश्क़ का मिला संगम रेखा की आँखें… उनकी नफ़ासत… उनकी अदाएँ… बस देखती रहिए इस फिल्म में उन्होंने ऐसा अभिनय किया कि लोग आज भी कहते हैं “रेखा जैसी उमराव जान कोई नहीं बन सकता।” उनकी शायरी और नज़ाकत ने इस किरदार को अमर बना दिया।
इन आँखों की मस्ती… सुनते ही रेखा का चेहरा सामने आ जाता है। खय्याम का संगीत और रेखा की अदाएँ – बस इतना काफी है इस फिल्म को क्लासिक बनाने के लिए। इस रोल के लिए रेखा ने नेशनल अवॉर्ड जीता, और यह फिल्म उनके करियर की सबसे बड़ी मील का पत्थर बन गई।
खून भरी मांग (1988) – रेखा का बोल्ड, खूंखार और सुपरस्टाइलिश अवतार

भई, ये फिल्म तो बिल्कुल “बॉलीवुड रिवेंज ड्रामा” का encyclopedia है रेखा ने इस फिल्म में जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन दिखाया एक सीधी-सादी, धोखा खाई महिला से लेकर एक स्टाइलिश, बोल्ड और बदला लेने वाली शेरनी तक महिला सशक्तिकरण, ग्लैमर और बदले की आग फिल्म ने दर्शकों को कुर्सी छोड़ने का मौका ही नहीं दिया। रेखा का नया लुक इतना पसंद किया गया कि वो फैशन आइकन बन गई थीं। फिल्म सुपरहिट हो गयी और रेखा छा गईं स्क्रीन पर इस फिल्म ने साबित कर दिया कि रेखा सिर्फ खूबसूरत ही नहीं, बल्कि दमदार कलाकार भी हैं।
सिलसिला (1981) – प्यार, इमोशन और रेखा की सादगी का तड़का

ये फिल्म सिर्फ फिल्म नहीं थी, बल्कि 80 के दशक की सबसे बड़ी चर्चा थी अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और रेखा ये तिकड़ी ही फिल्म को लीजेंड बनाने के लिए काफी थी। रेखा का सौम्य और भावुक अवतार सफेद साड़ी में रेखा की खूबसूरती का जादू ऐसा छाया कि लोग आज भी इनकी तस्वीरें देखकर हैरान रह जाते हैं। उनका किरदार शिष्टता और रोमांस का परफेक्ट ब्लेंड था। “देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए ये गाना और रेखा एकदम स्वर्गीय जोड़ी!
इस फिल्म में उनका हर फ्रेम पोस्टर-मटेरियल है।
इजाज़त (1987) – रेखा की सबसे परिपक्व और गहराई भरी फिल्म

गुलज़ार साहब की फिल्म और रेखा का अभिनय बस समझ जाइए कि ये जोड़ी सोने पे सुहागा है इजाज़त एक ऐसी फिल्म है जो धीरे-धीरे दिल में उतरती है और लंबे समय तक वहीं रह जाती है रेखा का शांत, समझदार और भावनात्मक किरदार वह हर सीन में इतनी वास्तविक लगीं कि दर्शक सुधा की तकलीफ और प्यार दोनों को महसूस करने लगे। संगीत और रेखा की अभिनय की केमिस्ट्री मेरा कुछ सामान…” और “खाली हाथ शाम आई है…” जैसे गाने रेखा की भावनाओं को और निखारते हैं। यह फिल्म उनकी परिपक्वता और संजीदा अदाकारी को दर्शाती है।
मृगया (1976) – रेखा का शुरुआती दमदार अभिनय

बहुत लोग नहीं जानते कि Rekha ने अपने करियर की शुरुआत ही बेहद दमदार परफॉर्मेंस से की थी। मृगया में वो स्मिता पाटिल और मिथुन चक्रवर्ती जैसे कलाकारों के साथ बिल्कुल बराबरी पर नजर आईं। सादगी और नैचुरल एक्टिंग का कमाल रेखा का नैचुरल अंदाज़ और मासूमियत इस फिल्म को स्पेशल बनाती है। ये फिल्म उनके टैलेंट का शुरुआती सबूत थी कि भविष्य में वो कहीं आगे जाएँगी और हुआ भी वही Rekha सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि बॉलीवुड की एक पूरी लगेसी हैं। उन्होंने रोमांस किया, बदला लिया, दर्द दिखाया, ग़ज़ल गाई, मुस्कान बिखेरी और हर किरदार को अविस्मरणीय बना दिया।
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