टीवी स्क्रीन पर धमाल मचा रहा आप सबका पसंदीदा शो ‘वसुधा’ इन दिनों एक बेहद भावुक और समाज की आंखें खोलने वाले मोड़ पर आ चुका है। हर बार अपनी खुशियों और सपनों के लिए लड़ने वाली हमारी प्यारी वसुधा अब एक ऐसी जंग लड़ने जा रही है, जो सिर्फ उसकी नहीं बल्कि हर उस बेटी की है जो बंद कमरों में अत्याचार सहती है। आने वाले एपिसोड में आपको हाई-वोल्टेज ड्रामा और इमोशन का ऐसा तड़का देखने को मिलेगा, जिसे देखकर आपकी आंखें भी नम हो जाएंगी। चलिए आपको बताते हैं कि आज रात के एपिसोड में ऐसा क्या खास होने वाला है।
फोन पर चीखती रही बेटी, दामाद ने दी जान से मारने की धमकी

कहानी में भूचाल तब आता है जब केसर के पास उसकी बेटी का फोन आता है। फोन उठाते ही केसर के पैरों तले जमीन खिसक जाती है क्योंकि दूसरी तरफ से उसकी बेटी के रोने और चीखने की आवाजें आ रही होती हैं। उसका जालिम पति यानी केसर का दामाद न सिर्फ उसकी बेटी को जानवरों की तरह पीट रहा है, बल्कि फोन पर ही केसर को भी सीधे-सीधे धमकी दे रहा है। वह केसर से पैसों की गंदी डिमांड करता है और कहता है कि अगर पैसे नहीं मिले तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो। बेटी की ये हालत सुनकर केसर पूरी तरह टूट जाती है और बेबस होकर रोने लगती है।
देव और वसुधा के सामने आया सच, वसुधा ने समाज को दिखाई उसकी औकात

किस्मत से जब यह सब हो रहा होता है, तब देव और वसुधा वहीं मौजूद होते हैं। वे दोनों केसर की पूरी बातचीत सुन लेते हैं। दामाद की इस घटिया हरकत को जानकर वसुधा का खून खौल उठता है। वह बिना एक पल गंवाए केसर को सलाह देती है कि उसे अपनी बेटी को तुरंत उस नरक से बाहर निकाल कर अपने घर वापस ले आना चाहिए। लेकिन यहीं पर कहानी में असली रुकावट आती है। केसर अपनी बेटी से प्यार तो बहुत करती है, लेकिन वह ‘लोग क्या कहेंगे‘ वाले जाल में फंसी है। केसर कहती है कि अगर बेटी ससुराल छोड़कर मायके आ गई, तो यह जालिम समाज उसे कभी जीने नहीं देगा, ताने मार-मार कर मार डालेगा।
बेटी की लाश से बेहतर हैं दुनिया के ताने’ – वसुधा का महा-फैसला

केसर की यह दकियानूसी और डरपोक बात सुनकर वसुधा को बहुत गुस्सा आता है। वह केसर को एक ऐसा ‘रियलिटी चेक‘ देती है जो सीधे दिल पर वार करता है। वसुधा रोती हुई केसर को समझाते हुए कहती है कि दुनिया के दो-चार ताने सुन लेना ज्यादा बेहतर है, बजाय इसके कि तुम हमेशा के लिए अपनी बेटी को ही खो दो, वसुधा की ये कड़वी मगर सच्ची बातें केसर के दिल को झकझोर देती हैं। इस मुश्किल घड़ी में देव भी पूरी तरह से वसुधा के साथ खड़ा है। अब देखना यह होगा कि क्या केसर समाज का डर छोड़कर अपनी बेटी की जान बचाएगी? या फिर लोक-लाज के चक्कर में एक मासूम लड़की की जिंदगी तबाह हो जाएगी?


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