टीवी सीरियल ‘वसुधा’ के आने वाले एपिसोड में दर्शकों को एक ऐसा हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिलने वाला है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। वसुधा जो लंबे समय से अपनी खुद की फैक्ट्री खोलने का सपना देख रही थी, अब उसकी खुशियों को किसी की नजर लग गई है। जैसे ही वसुधा की जिंदगी में एक नई शुरुआत होने वाली थी, वैसे ही उसके अपनों ने ही उसके सामने एक ऐसी दीवार खड़ी कर दी है, जिसे पार करना उसके लिए नामुमकिन लग रहा है।
चंद्रिका को मिला न्योता, वसुधा की खुशी का नहीं रहा ठिकाना

कहानी में ड्रामा तब शुरू होता है जब वसुधा अपनी नई फैक्ट्री के उद्घाटन और पूजा की खबर लेकर चंद्रिका और प्रभात के पास जाती है। वसुधा चाहती है कि उसके इस खास दिन पर चंद्रिका का आशीर्वाद उसके साथ रहे। वह बेहद आदर और सम्मान के साथ चंद्रिका को उद्घाटन पूजा करने के लिए इनवाइट करती है।
सबको लग रहा था कि चंद्रिका इस इनविटेशन को ठुकरा देगी, लेकिन सबको चौंकाते हुए चंद्रिका बिना किसी हिचकिचाहट के इस न्योते को एक्सेप्ट कर लेती है। प्रभात भी वसुधा को ढेर सारा आशीर्वाद देता है। ऐसा लगने लगता है कि अब परिवार के सारे गिले-शिकवे दूर हो जाएंगे और सब मिलकर जश्न मनाएंगे। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिक पाती।
संतोष का फूटा गुस्सा, वसुधा को दी सबसे खतरनाक धमकी

जैसे ही संतोष को पता चलता है कि वसुधा ने उद्घाटन की पूजा करने के लिए चंद्रिका को बुलाया है, उसका पारा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। संतोष गुस्से में तमतमाते हुए वसुधा को एक तरफ ले जाती है और उस पर करने लगती है । संतोष का मानना है कि चंद्रिका ने हमेशा वसुधा की राह में मुश्किलें खड़ी की हैं, इसलिए वह इस पवित्र और इम्पोर्टेन्ट पूजा के लायक नहीं है।
गुस्से में अंधी हो चुकी संतोष खेल को पूरी तरह पलट देती है। वह वसुधा के सामने एक ऐसी इमोशनल शर्त (अल्टीमेटम) रख देती है जिसे सुनकर हर कोई दंग रह जाता है। संतोष साफ-साफ कह देती है कि फैक्ट्री का उद्घाटन या तो चंद्रिका करेगी या फिर वो खुद। अब फैसला वसुधा को करना होगा कि वह किसे चुनती है।
बीच मझधार में फंसी वसुधा, देव की भी थमी सांसें

संतोष की यह बात सुनकर वसुधा का दिल पूरी तरह टूट जाता है। उसकी आँखों से आँसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह समझ नहीं पा रही कि एक तरफ उसका आदर है और दूसरी तरफ उसका अपना प्यार। इस ड्रामे को देखकर देव भी बेहद परेशान हो जाता है। देव अच्छी तरह जानता है कि वसुधा चाहे जो भी फैसला ले, नुकसान किसी न किसी अपने का ही होगा। अगर वह चंद्रिका को चुनती है तो संतोष नाराज हो जाएगी और अगर संतोष को चुनती है तो चंद्रिका के साथ रिश्ते हमेशा के लिए बिगड़ सकते हैं।
अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या वसुधा संतोष के गुस्से के आगे झुक जाएगी या फिर चंद्रिका के सम्मान के लिए कोई नया रास्ता निकालेगी?

















