ज़ी टीवी का सबसे लोकप्रिय और दर्शकों का पसंदीदा शो ‘वसुधा’ इन दिनों टीवी स्क्रीन पर तहलका मचा रहा है। शो में एक के बाद एक ऐसे मोड़ आ रहे हैं जिसे देखकर फैंस अपनी उंगलियों तले दांत दबाने को मजबूर हैं। आने वाले एपिसोड (11 जुलाई 2026) में कहानी में अब तक का सबसे बड़ा भूचाल आने वाला है। जो बेटा अपनी मां चंद्रिका सिंह चौहान की हर बात को पत्थर की लकीर मानता था, आज वही बेटा अपनी मां के खिलाफ खड़ा हो गया है। देव ने न सिर्फ चंद्रिका का सच सबके सामने ला दिया है, बल्कि एक ऐसा फैसला लिया है जिससे चौहान परिवार की नींव हिल गई है।
मां का घमंड चकनाचूर, देव ने सबके सामने खोली चंद्रिका की सच्चाई

अब तक चौहान हाउस में सिर्फ और सिर्फ चंद्रिका सिंह चौहान का हुक्म चलता था। हर कोई उनके सामने सिर झुकाता था। लेकिन देव को अब अपनी मां का वो चेहरा पता चल चुका है जो बेहद खौफनाक है। देव को इस बात का सबूत मिल गया है कि कैसे चंद्रिका ने मासूम वसुधा को फंसाने और उसे बर्बाद करने के लिए गंदी चालें चली थीं। देव अपनी मां के इस बर्ताव से अंदर से पूरी तरह टूट जाता है।
वह भारी मन और गुस्से के साथ पूरे परिवार के सामने खड़ा होता है और चंद्रिका चौहान के एक-एक झूठ का पर्दाफाश कर देता है। चंद्रिका, जो खुद को बहुत सही और दूध की धुली समझती थी, अपने ही बेटे के मुंह से अपना सच सुनकर सन्न रह जाती है।
रो पड़ी मासूम वसुधा, देव ने लिया ज़िंदगी का सबसे बड़ा फैसला

जब देव अपनी मां चंद्रिका का सच सबके सामने रख रहा होता है, तो वहां मौजूद वसुधा की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं लेते। वसुधा ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस चौहान परिवार को उसने अपना सब कुछ माना, वहां उसके खिलाफ इतनी बड़ी साजिश रची जा रही थी।
अपनी मां की घिनौनी सच्चाई और वसुधा के बहते आंसुओं को देखकर देव का दिल पिगल जाता है। वह फैसला करता है कि वह अब इस झूठ और साजिशों के महल में एक पल भी नहीं रहेगा। देव हर रिश्ता-नाता भूलकर और अपनी मां के सारे घमंड को पैरों तले रौंदकर वसुधा को इंसाफ दिलाने की ठान लेता है।
वसुधा का हाथ थामकर देव ने छोड़ा घर, चौहान हाउस में छाया मातम

कहानी का सबसे बड़ा और हिला देने वाला मोड़ तब आता है जब देव सरेआम वसुधा का हाथ थाम लेता है। वह अपनी मां चंद्रिका की तरफ देखता है और साफ शब्दों में कह देता है कि जिस घर में बेकसूर लोगों के खिलाफ साजिशें रची जाती हैं, वह घर अब उसका नहीं हो सकता। इसके बाद देव, वसुधा को साथ लेकर चौहान हाउस के मुख्य दरवाजे से बाहर निकल जाता है।
देव और वसुधा को इस तरह घर छोड़कर जाते देख दादी सा और परिवार के बाकी सदस्य गहरे सदमे में आ जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ, हमेशा हवेली पर राज करने वाली चंद्रिका सिंह चौहान आज बिल्कुल अकेली और बेबस खड़ी रह जाती है। देव और वसुधा के इस तरह चौहान हाउस छोड़ने के बाद अब कहानी कौन सा नया मोड़ लेगी? क्या चंद्रिका अपनी हार मान लेगी या देव को वापस पाने के लिए वसुधा के खिलाफ कोई और नई चाल चलेगी? यह देखना वाकई दिलचस्प होने वाला है।























