भारत-ईयू एफटीए विकसित भारत की नींव, कृषि उत्पादों को इस समझौते से फायदा होगा : शिवराज सिंह चौहान

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रायपुर, 27 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह समझौता केवल एक व्यापारिक करार नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व और आर्थिक सामर्थ्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। भारत के लिए महत्वपूर्ण कृषि उत्पाद—जैसे चाय, कॉफी, मसाले, टेबल अंगूर, खीरा और अचार वाली खीरा, सूखे प्याज, मीठा मक्का, चुनिंदा फल-सब्जियां…

रायपुर, 27 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह समझौता केवल एक व्यापारिक करार नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व और आर्थिक सामर्थ्य का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। भारत के लिए महत्वपूर्ण कृषि उत्पाद—जैसे चाय, कॉफी, मसाले, टेबल अंगूर, खीरा और अचार वाली खीरा, सूखे प्याज, मीठा मक्का, चुनिंदा फल-सब्जियां और प्रोसेस्ड फूड—को इस समझौते से बड़ा लाभ होगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रमुख क्षेत्रों में आपसी संवेदनशीलता का सम्मान करते हुए यह समझौता निर्यात वृद्धि को घरेलू प्राथमिकताओं के साथ संतुलित करता है और दोनों पक्षों के किसान समुदायों के लिए लाभ सुनिश्चित करता है। भारतीय कृषि के लिए यह एक बड़ा कदम है।

उन्होंने कहा कि आज भारत सिर्फ स्वयं आगे नहीं बढ़ रहा है, बल्कि पूरी दुनिया को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। यह समझौता भारतीय किसानों, कृषि उत्पादों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। भारत की कृषि शक्ति आज विश्व के सामने है। भारत चावल उत्पादन में पहले स्थान पर पहुंच चुका है और हमारी कृषि विकास दर ने हरित क्रांति के दौर को भी पीछे छोड़ दिया है।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर विस्तार से बात करते हुए चौहान ने कहा कि भारत-यूरोपियन यूनियन के बीच हुआ यह समझौता कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, निर्यात और निवेश के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। इससे भारतीय कृषि उत्पादों को यूरोपीय बाजारों में बेहतर पहुंच मिलेगी, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह समझौता आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत और दूरगामी कदम है।

–आईएएनएस

एबीएस/

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