नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस ने मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी कर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की और आरोप लगाया कि अर्थव्यवस्था में बेरोजगारी रहित विकास हो रहा है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2017-18 और 2023-24 के बीच विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार 12.1 प्रतिशत से घटकर 11.4 प्रतिशत हो गया, जबकि सेवा क्षेत्र में यह 31.1 प्रतिशत से घटकर 29.7 प्रतिशत हो गया।
इसी बीच, कृषि क्षेत्र में रोजगार 44.1 प्रतिशत से बढ़कर 46.1 प्रतिशत हो गया, जो विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन की कमी के कारण कम उत्पादकता वाले कार्यों की ओर वापसी का संकेत देता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि रोजगार वृद्धि अनौपचारिक और गिग वर्क में केंद्रित है, जबकि 40 प्रतिशत वेतनभोगी श्रमिकों के पास कोई अनुबंध, सवैतनिक अवकाश और सामाजिक सुरक्षा नहीं है।
कांग्रेस के अनुसंधान विभाग द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट आधिकारिक व्यापक आर्थिक आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है। इसमें आरोप लगाया गया है कि आधिकारिक आंकड़ों और लोगों की वास्तविक जीवन की स्थितियों के बीच एक बढ़ता हुआ अंतर है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आईएमएफ ने भारत के आंकड़ों को ‘सी’ ग्रेड दिया है।
रिपोर्ट में पूछा गया है कि यदि मुद्रास्फीति आधिकारिक तौर पर 0.5 प्रतिशत है, तो हर परिवार के लिए जीवन यापन की लागत क्यों बढ़ रही है? घरेलू बचत क्यों खत्म हो गई है और घरेलू ऋण में भारी वृद्धि क्यों हुई है?
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मजबूत अर्थव्यवस्था के दावों के बावजूद, रुपया 2025 में एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा थी, और 2026 में भी इसकी नाटकीय गिरावट जारी रही, जबकि 2025 के 10 महीनों में से चार महीनों में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नकारात्मक रहा।
रिपोर्ट जारी करते हुए कांग्रेस अनुसंधान विभाग के अध्यक्ष राजीव गौड़ा ने कहा कि रियल स्टेट ऑफ द इकोनॉमी 2026 केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं को उजागर करता है। ऐसे समय में जब असमानता बढ़ रही है, कंपनियों का मुनाफा बढ़ रहा है, और सार्थक रोजगार सृजन नहीं हो रहा है।
–आईएएनएस
एमएस/
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