कोयंबटूर : तमिलनाडु के अधिकतर छोटे एवं मझोले उद्योग एक तरफ जहां माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से कारोबार को नुकसान होने का दावा कर रहे हैं, वहीं राज्य के पंपसेट विनिर्माताओं के संगठन का कहना है कि नयी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था से उनका कारोबार 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ा है। तमिलनाडु पंपसेट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कल्याणसुंदरम ने यहां शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि जीएसटी क्रियान्वयन के बाद कर की दरें चार प्रतिशत कम हो गयी हैं।
क्योंकि क्षेत्र के बाहर से सामान खरीदने पर केंद्रीय बिक्री कर में कमी आयी है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बिक्री कर में दो प्रतिशत की कमी आने से कारोबार 10 से 20 प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि संगठन के 120 सदस्य हैं। उन्होंने श्रमिकों की भारी कमी को एकमात्र समस्या बताया।


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