कृषि मंत्रालय और उद्योग निकाय फिक्की ने कृषि क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) परियोजनाओं के लिए एक संयुक्त पहल शुरू की है।
पीपीपी मॉडल कृषि क्षेत्र में विकास के लिए आदर्श मॉडल – तोमर
तोमर ने कहा कि पीपीपी मॉडल कृषि क्षेत्र में विकास के लिए आदर्श मॉडल हो सकता है और पीपीपी परियोजनाओं को किसानों की आय बढ़ाने के माध्यम से लाभान्वित करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यदि सरकार अकेले ही सभी कार्य करे तो यह कोई आदर्श स्थिति नहीं है। बेहतर काम सिर्फ जन भागीदारी के साथ ही किए जा सकते हैं। किसी भी क्षेत्र की प्रगति के लिए सरकार सभी को अच्छा सहयोग दे सकती है।’’
इसके अलावा कृषि सचिव मनोज आहूजा ने कहा कि सरकार को कृषि क्षेत्र में निवेश को सुविधाजनक बनाने में एक उत्प्रेरक भूमिका निभानी चाहिए।उन्होंने कहा निजी क्षेत्र और गैर-सरकारी संगठनों को एक साथ आना चाहिए और कृषि क्षेत्र की परियोजनाओं में सरकार के साथ साझेदारी करनी चाहिए, जिससे उनका प्रभाव खासा बढ़ जाएगा।
वहीं, फिक्की के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शुभ्रकांत पांडा ने भरोसा जताया कि कृषि क्षेत्र के लिए पीएमयू पहल से निजी क्षेत्र के निवेश के दोहन और सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के उपयोग से बड़े स्तर की पीपीपी परियोजनाओं में तेजी आएगी।


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