भारत की कोविड- 19 के खिलाफ जारी लड़ाई में फेसबुक, एप्पल, अमेजन, ओप्पो और विवो सहित तमाम उद्यम अपनी तरफ से आगे बढ़कर समर्थन दे रहे हैं। ये कंपनियां आक्सीजनेटर्स, सांस लेने की मशीनें और वेंटीलेटर्स जैसी सुविधायें उपलब्ध कराकर महामारी के खिलाफ देश को समर्थन दे रहे हैं।
अमेजन इंडिया ने मंगलवार को कहा कि उसने अपने वैश्विक संसाधनों के जरिये 100 वेंटीलेटर्स हासिल किये हैं। इनका देश में तुरंत आयात किया जा रहा है। इनका विमान को जरिये देश में आयात किया जा रहा है और इनके अगले दो सप्ता में भारत पहुंचने की उम्मीद है।
फेसबुक के प्रमुख मार्क जुकेरबर्ग ने कहा कि कंपनी यूनिसेफ के साथ मिलकर काम कर रही है और आपात प्रतिक्रिया के तौर पर एक करोड़ डालर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत में प्रत्येक के बारे में सोच रहा हूं और उम्मीद कर रहा हूं कि वायरस पर जल्द नियंत्रण पा लिया जायेगा। फेसबुक इस मामले में यूनिसेफ के साथ मिलकर काम कर रहा है और लोगों को यह समझाना का प्रयास कर रहा है कि उन्हें अस्पताल कब जाना चाहिये। आपास प्रतिक्रिया के तौर पर वह एक करोड़ डालर दे रही है।’’
एप्पल के सीईओ टिम कुक और गूगल के भारतीय मूल के सीईओ सुदर पिचाई ने भी कोरोना वायरस से राहत के प्रयासों में अपने अपने योगदान की बात कही है। पिचाई ने कहा कि कंपनी ने और उसके कर्मचारियों ने भारत, यूनीसेफ और अनय संगठनों को उनके प्रयासों में सहयोग के लिये 135 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये है।
विवो इंडिया ने मंगलवार को कोविड- 19 राहत कार्यों में मदद के लिये दो करोड़ रुपये का अनुदान देने की घोषणा की और आक्सीजन संक्रेन्द्रण हासिल करने में मदद के लिये आगे आई है।
विवो इंडिया ब्रांड रणनीतिकार निदेशक निपुन मारया ने एक वक्तव्य में कहा, ‘‘इस लड़ाई में हम सभी साथ है और हमें कोविड- 19 को हराने के लिये मिलकर लड़ना होगा। इस कठिन समय में विवो बीमारी से जूझ़ रहे समुदायों को समर्थन देने के लिये प्रतिबद्ध है।’’
वहीं ओप्पो ने रेड क्रास सोसायटी और उत्तर प्रदेश सरकार को 1,000 आक्सीजरेटर्स और 500 सांस लेने वाली मशीनें अनुदान में देने का संकल्प जताया है। इसके साथ ही अग्रिम पंक्ति में रहकर काम करने वालों को 5,000 यूनिट ओप्पो बैंड स्टायल देने की भी बात कही है।
कंपनी ने कहा कि ये मशीनें उन अस्पतालों को उपलब्ध कराई जायेंगी जहां इनकी सबसे अधिक जरूरत होगी। कंपनी ने कहा कि वह दिल्ली पुलिस और गेटर नोएडा प्राधिकरण के अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को 1.5 करोड़ रुपये के ओपो बैंड स्टायल के 5,000 यूनिट उपलब्ध करायेगी। इससे वह अपने स्वास्थ्य की निगरानी कर सकेंगे जिससे वह दूसरों की बेहतर सेवा कर सकें।


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