रेटिंग एजेंसी मूडीज का मानना है कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती तथा करों में कटौती के चलते अगले वित्त वर्ष 2020-21 में राजकोषीय घाटे का 3.5 प्रतिशत का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है। बजट के बाद मूडीज की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आम बजट में 2020-21 में राजकोषीय घाटे को 3.8 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य तय किया गया है। लेकिन आर्थिक वृद्धि दर में कमी और करों में कटौती की वजह से सकल राजस्व के लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल होगा।’’ एजेंसी ने कहा कि सरकार के पास वृद्धि दर को और कमजोर किए बिना खर्च में कटौती करने की सीमित गुंजाइश है।
बजट में अगले वित्त वर्ष में बाजार मूल्य पर जीडीपी की वृद्धि दर 10 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया हैं यह चालू वित्त वर्ष 13.5 प्रतिशत के अनुमान से कम है।बजट में राजस्व प्राप्तियां 22.46 लाख करोड़ रुपये और व्यय 30.42 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है। चालू वित्त वर्ष के लिए संशोधित व्यय अनुमान 26.99 लाख करोड़ रुपये और प्राप्तियों का अनुमान 19.32 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। चालू वित्त वर्ष में शुद्ध बाजार ऋण 4.99 लाख करोड़ रुपये और अगले वित्त वर्ष में 5.36 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।


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