Deepinder Goyal Net Worth: जोमैटो की पैरेंट कंपनी एटर्नल लिमिटेड में बुधवार को एक अहम बदलाव देखने को मिला। कंपनी के सह-संस्थापक दीपेंद्र गोयल ने समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद से हटने का ऐलान किया है। उनकी जगह ब्लिंकइट के सह-संस्थापक अल्बिंदर ढिंडसा को तत्काल प्रभाव से नया सीईओ नियुक्त किया गया है। यह बदलाव कंपनी के भविष्य की रणनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Deepinder Goyal BioGraphy: गोयल ने क्यों छोड़ा CEO पद?
शेयरधारकों (Shareholders) को भेजे गए एक पत्र में दीपेंद्र गोयल ने साफ किया कि वे अब सूचीबद्ध कंपनी के दायरे से बाहर कुछ नए और जोखिम भरे प्रयोग करना चाहते हैं। उनके अनुसार, ऐसे विचारों को किसी पब्लिक कंपनी के भीतर आगे बढ़ाना मुश्किल होता है। उन्होंने यह भी कहा कि अल्बिंदर ढिंडसा के नेतृत्व में एटर्नल को अनुशासन के साथ अपने मुख्य बिजनेस पर फोकस बनाए रखना चाहिए।
Deepinder Goyal Net Worth: दीपेंद्र गोयल की कुल संपत्ति
सीईओ पद छोड़ने के बाद भी दीपेंद्र गोयल की निजी संपत्ति चर्चा का विषय बनी हुई है। वैश्विक संपत्ति आंकलन एजेंसियों के अनुसार, 21 जनवरी 2026 तक उनकी कुल संपत्ति लगभग 1.6 अरब डॉलर यानी करीब 13,300 करोड़ रुपये आंकी गई है। उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा जोमैटो में उनकी हिस्सेदारी से जुड़ा है, जहां उनके पास करीब 4.18 प्रतिशत शेयर हैं।

Deepinder Goyal Lifestyle: पिछले सालों में कैसे बढ़ी दौलत
2024 में गोयल की संपत्ति करीब 8,300 करोड़ से 10,100 करोड़ रुपये के बीच मानी जा रही थी। इसकी बड़ी वजह जोमैटो द्वारा ब्लिंकइट के जरिए क्विक कॉमर्स सेक्टर में तेज विस्तार रहा। 2024 के अंत तक जोमैटो के शेयर भाव बढ़ने से उनकी संपत्ति 10,000 करोड़ रुपये के पार चली गई। जुलाई 2025 में फोर्ब्स की रिपोर्ट में उनकी नेटवर्थ 1.9 अरब डॉलर बताई गई, जिसमें ब्लिंकइट के मजबूत प्रदर्शन को अहम कारण माना गया।
इक्विटी में ज्यादा निवेश
दीपेंद्र गोयल की संपत्ति का बड़ा हिस्सा नकदी की बजाय इक्विटी में निवेशित है। जोमैटो के अलावा वे अल्ट्राह्यूमन, शिपरोकेट, लेंसकार्ट और ब्लिंकइट समेत करीब 21 स्टार्टअप्स में निवेश कर चुके हैं। शिपरोकेट में उनकी हिस्सेदारी लगभग 310 करोड़ रुपये और लेंसकार्ट में करीब 220 करोड़ रुपये आंकी गई है। इससे वे भारत के प्रमुख एंजेल निवेशकों में गिने जाते हैं।

वेतन छोड़ने का बड़ा फैसला
एक दिलचस्प फैसले के तहत गोयल ने मार्च 2026 तक अपना सालाना 3.5 करोड़ रुपये का मूल वेतन लेने से इनकार कर दिया है। अब वे जोमैटो बोर्ड द्वारा मंजूर किए गए परफॉर्मेंस आधारित और इक्विटी से जुड़े मुआवजे पर निर्भर रहेंगे। यह कदम उनके लंबे समय के मूल्य निर्माण में विश्वास को दर्शाता है।
गुरुग्राम के सबसे अमीर नहीं!
इतनी बड़ी संपत्ति के बावजूद दीपेंद्र गोयल गुरुग्राम के सबसे अमीर व्यक्ति नहीं हैं। 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार, वे उन 23 लोगों में शामिल थे जिनकी संपत्ति 1,000 करोड़ रुपये से अधिक थी। हालांकि, गुरुग्राम में सबसे अमीर व्यक्ति का दर्जा यूएनओ मिंडा के चेयरमैन निर्मल कुमार मिंडा के पास है।

आगे क्या करेंगे गोयल?
अब जब अल्बिंदर ढिंडसा एटर्नल की कमान संभाल चुके हैं और दीपेंद्र गोयल नए प्रयोगों पर ध्यान देने जा रहे हैं, तो उद्योग जगत की नजरें उनके अगले कदमों पर टिकी हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके नए विचार और निवेश उनकी कारोबारी विरासत और संपत्ति को किस दिशा में ले जाते हैं।





















