सावधान! कहीं आपका ऑनलाइन खाना ‘कंगाल’ न कर दे, Food Delivery के नाम पर ऐसे हो रही है लूट

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Food Delivery Fraud: आजकल ऑनलाइन फूड आर्डर करना लाइफ का हिस्सा बन चुका है। किसी का कुछ खाने का मन हो, तो कुछ ही मिनटों में ऑर्डर कर खाना दरवाजे पर पहुंच जाता है। क्या आप जानते हैं? इसका फायदा उठाकर साइबर ठग लूटने का नया तरीका अपना रहे हैं। हाल ही के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां फूड डिलीवरी के नाम पर लोगों से पैसे ठगे जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि साइबर ठग लूटने का कौन-कौन सा तरीका अपना रहे हैं। कैसे हो रहा है Scam? साइबर ठग कभी नकली कॉल करके ऑर्डर…

Food Delivery Fraud: आजकल ऑनलाइन फूड आर्डर करना लाइफ का हिस्सा बन चुका है। किसी का कुछ खाने का मन हो, तो कुछ ही मिनटों में ऑर्डर कर खाना दरवाजे पर पहुंच जाता है। क्या आप जानते हैं? इसका फायदा उठाकर साइबर ठग लूटने का नया तरीका अपना रहे हैं। हाल ही के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां फूड डिलीवरी के नाम पर लोगों से पैसे ठगे जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि साइबर ठग लूटने का कौन-कौन सा तरीका अपना रहे हैं।

कैसे हो रहा है Scam?

साइबर ठग कभी नकली कॉल करके ऑर्डर कैंसिल होने की बात करते हैं। तो कभी रिफंड के बहाने OTP या बैंक डिटेल्स मांगते हैं। कई बार तो वह खुद को डिलीवरी एजेंट बताकर लिंक भेजते हैं और उस पर क्लिक करने को बोलते हैं। अगर आप उस लिंक को क्लिक कर देंगे, तो कुछ ही सेकंड में आपका अकाउंट खाली हो जाएगा। जिस ऐप से भी आप खाना मंगवाते हैं, उसे बहाने ठग आपके पैसों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए ऑनलाइन फूड आर्डर करते समय सावधानी बरतें।

साइबर ठग लोगों को फूड डिलीवरी के नाम पर कॉल या मैसेज करते हैं। वे खुद को किसी डिलीवरी ऐप का कस्टमर केयर बताकर कहते हैं कि आपका ऑर्डर कैंसिल हो गया है और आपको रिफंड मिलेगा। इसके बाद वे एक लिंक भेजते हैं या ओटीपी मांगते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति लिंक खोलता है या ओटीपी शेयर करता है, उसके बैंक खाते से पैसे निकल सकते हैं।

नकली ऐप या वेबसाइट से भी हो रही ठगी

कुछ मामलों में ठग नकली ऐप या वेबसाइट बनाते हैं, जो बिल्कुल असली जैसी दिखती है। लोग वहां अपनी डिटेल्स डाल देते हैं और फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं। कई बार वह डिलीवरी एजेंट बनकर घर तक पहुंचने और पेमेंट अपडेट करने का बहाने भी बनाते हैं। इसलिए सावधान रहें और किसी भी कॉल, लिंक या ऐप पर भरोसा न करें।

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।