नई दिल्ली : अमेरिका, जापान और पश्चिमी एशिया की कई वैश्विक कंपनियों ने ओएनजीसी की गुजरात स्थित वृहद पेट्रो रसायन परियोजना में हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा जताई है। कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शशि शंकर ने कहा कि ओएनजीसी पेट्रो एडिशंस लिमिटेड (ओपल) के संयंत्र का निर्माण पिछले साल ही पूरा हुआ है। 11 लाख टन की क्षमता वाले इस संयंत्र पर 30,000 करोड़ रुपये की लागत आयी है। ‘यह संयंत्र अभी अपनी 80% क्षमता पर काम कर रहा है।
चालू वित्त वर्ष में इसे 100% तक पहुंचाने का लक्ष्य है।’’ इस संयंत्र की योजना गेल इंडिया लिमिटेड और गुजरात राज्य पेट्रोलियम निगम लिमिटेड (जीएसपीसी) के साथ संयुक्त उपक्रम के तौर पर बनायी गई थी, लेकिन इसकी लागत का अधिकांश हिस्सा ओएनजीसी ने ही वहन किया। शंकर ने कहा कि ओएनजीसी अब ओपल में हिस्सेदारी का पुनर्गठन करना चाहती है। इसके लिए वह कई विदेशी सहयोगियों की तलाश में है। ‘‘दुनियाभर से कई कंपनियों ने हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा जताई है।


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