अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान हासिल कर लिया है। हाल ही में अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में तेजी आने से उनकी कुल संपत्ति में बड़ा इजाफा हुआ है। फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार उनकी नेटवर्थ लगभग 90 अरब डॉलर (करीब 8.55 लाख करोड़ रुपये) पहुंच गई है।
इस बढ़त के साथ उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और सॉफ्टबैंक के CEO मसायोशी सन को पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले अप्रैल 2026 में भी गौतम अडाणी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने थे, लेकिन शेयर बाजार में गिरावट के कारण मई में वे तीसरे स्थान पर पहुंच गए थे। अब एक बार फिर उन्होंने शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है।
Gautam Adani Net Worth Ranking: एशिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट

ताजा रैंकिंग के अनुसार एशिया के सबसे अमीर लोगों में पहले स्थान पर गौतम अडानी हैं। दूसरे नंबर पर मुकेश अंबानी हैं, जिनकी संपत्ति करीब 8.43 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। वहीं तीसरे स्थान पर जापान के कारोबारी और सॉफ्टबैंक के प्रमुख मसायोशी सन हैं, जिनकी कुल संपत्ति लगभग 87 अरब डॉलर है।
अडाणी ग्रुप के शेयरों में शानदार तेजी

इस साल अडानी ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। साल 2026 में अब तक ग्रुप के अलग-अलग शेयरों में 23% से 56% तक की बढ़त दर्ज की गई है।
मुख्य शेयरों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा—
- अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर में करीब 7% की तेजी आई।
- अडानी एनर्जी के शेयर लगभग 4% मजबूत हुए।
- अडानी एंटरप्राइजेज और अडाणी पोर्ट्स के शेयरों में करीब 2-2% की बढ़त दर्ज की गई।
- अडानीपावर के शेयर में भी 1% से अधिक की तेजी देखने को मिली।
शेयरों में आई इस मजबूती का सीधा फायदा गौतम अडाणी की कुल संपत्ति पर पड़ा और उनकी नेटवर्थ तेजी से बढ़ गई।
कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी

आज दुनिया के बड़े उद्योगपतियों में गिने जाने वाले गौतम अडानी की शुरुआत बेहद साधारण रही है। उन्होंने अहमदाबाद के शेठ चिमनलाल नागिंददास विद्यालय से स्कूल की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने गुजरात विश्वविद्यालय में बी.कॉम में दाखिला लिया, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण दूसरे वर्ष में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी। कॉलेज छोड़ने के बाद गौतम अडाणी सिर्फ 16 साल की उम्र में मुंबई चले गए। यहां उन्होंने महिंद्रा ब्रदर्स में डायमंड सॉर्टर के रूप में काम शुरू किया। इस नौकरी से उन्हें कारोबार की शुरुआती समझ मिली।
कुछ सालों बाद उन्होंने अपना खुद का व्यापार शुरू किया और धीरे-धीरे कारोबार का विस्तार करते गए। साल 1988 में उन्होंने अडानी एक्सपोर्ट्स की स्थापना की, जिसे बाद में अडाणी एंटरप्राइजेज के नाम से जाना जाने लगा। आज अडाणी ग्रुप बंदरगाह, बिजली, ऊर्जा, हवाई अड्डे, सीमेंट और कई अन्य क्षेत्रों में कारोबार कर रहा है।
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