कोलकाता : केंद्र सरकार रणनीतिक विनिवेश के जरिए बीईएमएल लिमिटेड में अपनी 28 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री कर सकती है और 26 प्रतिशत हिस्सेदारी को अपने पास बरकरार रख सकती है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति अक्टूबर 2016 में बीईएमएल लिमिटेड में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी किसी चुनिंदा निवेशक को बेचने की सैद्धांतिक मंजूरी दे चुकी है। सरकार की इंजीनियरिंग कंपनी में वर्तमान में 54.03 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
केंद्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार रणनीतिक विनिवेश के जरिए कंपनी में अपनी 28 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री करेगी। कंपनी के विभिन्न विभागों को अलग करके नई इकाई बनाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने विनिवेश के लिए पहले ही प्रारंभिक कामकाज शुरू कर दिया है। सरकार ने 2019-20 के अंतरिम बजट में विनिवेश के जरिए 90 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था। बाद में इसे बढ़ाकर 1.05 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया। केंद्र सरकार ने 2018-19 में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश से 84,972 करोड़ रुपये एकत्र किए थे जबकि 2017-18 में यह आंकड़ा 1,00,056 करोड़ रुपये था।
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने हाल ही में पांच सार्वजनिक कंपनियों में इक्विटी शेयर के रणनीतिक विनिवेश को मंजूरी दी है। ये कंपनियां भारतीय पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कॉरपोरेशन (कॉनकॉर), टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड और नार्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पॉवर कारपोरेशन हैं।


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