57वीं GST काउंसिल का अहम् फैसला, अफसरों की गिरफ्तारी शक्तियां खत्म, अभियोजन सीमा बढ़कर हुई 5 करोड़ रुपये

Summary :

वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दर ढांचा अब स्थिर हो चुका है, इसलिए काउंसिल का पूरा ध्यान अब रोजमर्रा के कामकाज को आसान बनाने पर है। इसी के तहत यह भी तय किया गया कि जीएसटी दरों में संशोधन अब साल में केवल एक बार ही किया जाएगा।

57th GST Council

57th GST Council : GST काउंसिल की 57वीं बैठक में करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। गुरुवार को हुई इस बैठक में जीएसटी अधिकारियों के पास मौजूद गिरफ्तारी की शक्तियों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

इसके साथ ही मामलों में आपराधिक कानूनी कार्रवाई शुरू करने की न्यूनतम सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

काउंसिल का ध्यान कामकाज आसान बनाने पर

वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दर ढांचा अब स्थिर हो चुका है, इसलिए काउंसिल का पूरा ध्यान अब रोजमर्रा के कामकाज को आसान बनाने पर है। इसी के तहत यह भी तय किया गया कि जीएसटी दरों में संशोधन अब साल में केवल एक बार ही किया जाएगा।

जुर्माने में भारी कटौती

इनपुट टैक्स क्रेडिट के दावों पर असली और ईमानदार खरीदारों को बचाने के लिए अफसरों की एक विशेष समिति गठित की गई है। यह समिति तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देगी।

इसके अलावा, नियमों के तहत न्यूनतम सजा के प्रावधान को खत्म कर दिया गया है और सजा या जुर्माना तय करने का अधिकार पूरी तरह अदालतों के विवेक पर छोड़ दिया गया है।

वहीं, सामान्य मामलों में लगने वाले पेनल्टी \को भी 25,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।