Meesho 1500 Crore Tax Notice: ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस मीशो (Meesho) को इनकम टैक्स विभाग ने करीब 1,500 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स डिमांड नोटिस भेजा है। कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि वह इस ऑर्डर को चैलेंज करेगी। यह डिमांड नोटिस आयकर विभाग की असेसमेंट यूनिट ने इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 156 के तहत जारी किया है। इसके साथ ही कंपनी को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 143(3) के तहत असेसमेंट ऑर्डर भी जारी हुआ है।
कंपनी ने कहा कि वह इस आदेश की समीक्षा कर रही है और फिलहाल इस नोटिस का उसकी वित्तीय स्थिति, ऑपरेशंस या दूसरी एक्टिविटीज पर कोई बड़ा बुरा असर नहीं पड़ेगा। फाइलिंग में कहा गया है कि इनकम टैक्स विभाग ने कंपनी द्वारा घोषित इनकम में कुछ एडिशनल या एडजस्टमेंट किए हैं, जिसमें बकाया टैक्स पर ब्याज भी शामिल है।
Meesho 1500 Crore Tax Notice: क्यों होते हैं ई-कॉमर्स कंपनियों के टैक्स विवाद?
ई-कॉमर्स कंपनियों के टैक्स विवाद आमतौर पर इसलिए होते हैं क्योंकि वे ग्राहकों को दिए जाने वाले डिस्काउंट और प्रोत्साहन (जैसे कैशबैक, कूपन, ऑफर) को व्यापारिक खर्च दिखाकर अपने टैक्स योग्य मुनाफे को कम कर देते हैं। लेकिन टैक्स विभाग कभी-कभी इन खर्चों को पूरी तरह से कटौती योग्य नहीं मानता, जिससे विवाद पैदा हो जाता है।
Meesho Tax Demand Notice: पहले भी मिला था ऐसा ही डिमांड नोटिस

Meesho ने बताया कि उसे वित्त वर्ष 2022 के लिए भी ऐसा ही नोटिस मिला था, जिसे उसने कोर्ट में चुनौती दी थी। कंपनी के IPO डाक्यूमेंट्स के मुताबिक, इनकम टैक्स विभाग ने 25 जनवरी 2025 को असेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए कारण बताओ जारी किया और टैक्स रिटर्न में कुछ प्रस्तावित बदलावों पर स्पष्टीकरण मांगा था।
इन प्रस्तावित बदलावों में विज्ञापन और संचार खर्च की कटौती, फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट पर मार्क-टू-मार्केट लाभ के टैक्स ट्रीटमेंट और विदेशी भुगतान पर TDS से जुड़े मुद्दे शामिल थे। कंपनी ने 7 फरवरी 2025 को विभाग का जवाब देते हुए अतिरिक्त जानकारी दी और सुनवाई की मांग की।
इसके बाद टैक्स अधिकारीयों ने 13 मार्च असेसमेंट ऑर्डर जारी करते हुए करीब 572 करोड़ रूपये की टैक्स डिमांड की। इस आदेश को कंपनी ने 9 अप्रैल को कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने 17 अप्रैल को टैक्स डिमांड कर रोक लगा दी थी और मामला अभी पेंडिंग है।
Income Tax Notice to Meesho: कंपनी ने क्या कहा?

कंपनी ने अपने बयान में कहा कि वह इनकम टैक्स विभाग के निष्कर्षों से सहमत नहीं है। कंपनी अपने हितों की रक्षा के लिए जरुरी क़ानूनी कदम उठा रही है। मीशो का अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में शुद्ध घाटा सालाना आधार पर लगभग 12 गुना बढ़कर 490.6 करोड़ रुपये हो गया। वहीं ऑपरेशंस से रेवेन्यू 31 प्रतिशत बढ़कर 3,517.5 करोड़ रुपये पहुंच गया। खर्च दिसंबर 2025 तिमाही में लगभग 44 प्रतिशत बढ़कर 4,071 करोड़ रुपये के रहे।


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