Importance of Strait of Hormuz : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत के बाद संकेत मिले हैं कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले भारतीय ध्वज वाले जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाएगा। बता दें, बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच भारत के लिए यह एक राहत देने वाली खबर है। संकेत मिले हैं कि ईरान Strait of Hormuz से गुजरने वाले भारतीय झंडे वाले जहाजों को निशाना नहीं बनाएगा। इस मुद्दे पर हाल के दिनों में भारत और ईरान के बीच उच्च स्तर पर कूटनीतिक बातचीत हुई है।
बताया जा रहा है कि ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar से फोन पर चर्चा की थी। इसके बाद ईरान के उप विदेश मंत्री Saeed Khatibzadeh नई दिल्ली पहुंचे और जयशंकर से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार इन चर्चाओं के बाद ईरान की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं और अनौपचारिक तौर पर यह भरोसा दिया गया है कि होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय जहाजों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।
Importance of Strait of Hormuz: दुनिया के सबसे अहम रास्तों में से एक

Strait of Hormuz को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है। यह संकरा रास्ता Persian Gulf को Arabian Sea से जोड़ता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। खुद भारत का 40 प्रतिशत तेल आपूर्ति इसी रास्ते से हो कर गुजरता है।
इसी कारण इस क्षेत्र की बहुत अहमियत है। यदि इस रास्ते पर किसी तरह की गड़बड़ी होती है तो वह वैश्विक चिंता का विषय बन जाता है। भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा भी इसी मार्ग के जरिए आता है, इसलिए भारत लगातार कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय है और क्षेत्रीय देशों के साथ संवाद बनाए हुए है, ताकि समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो।
Iran Israel Conflict: भारतीय जहाजों की गतिविधियों पर भी नजर

समुद्री ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक हाल ही में भारतीय जहाज ‘पुष्पक’ और ‘परिमल’ को इस रास्ते से गुजरते हुए देखा गया है। क्षेत्र में बढ़े सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए इन जहाजों की आवाजाही पर भी खास नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जैसे रणनीतिक समुद्री मार्ग में किसी भी activity पर सतर्क निगरानी रखना जरूरी होता है, क्योंकि यहां की स्थिति का असर इंटरनेशनल ट्रैड और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है।
कूटनीतिक बातचीत के बाद मिला सकारात्मक संकेत

रिपोर्टों के अनुसार भारत और ईरान के बीच लगातार जारी कूटनीतिक संवाद का असर भी देखने को मिला है। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद ईरान के उप विदेश मंत्री की नई दिल्ली यात्रा को भी इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों के अलावा क्षेत्रीय सुरक्षा हालात पर भी चर्चा हुई। इसी दौरान यह भरोसा भी व्यक्त किया गया कि मौजूदा हालात में भारतीय झंडे वाले जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाएगा।
अमेरिका को ईरानी सैन्य इकाई की चेतावनी
इस बीच ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच टेंशन और बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है।
अमेरिका ने हाल ही में कहा था कि वह Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा सकता है। इसके जवाब में IRGC ने कहा कि यदि अमेरिका इस क्षेत्र में कोई कदम उठाता है तो ईरान उसका जवाब देने के लिए तैयार है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब खाड़ी के देशों में स्थिति पहले ही खराब है और Strait of Hormuz दुनिया भर में तेल की आपूर्ति के लिए बेहद सेंसीटिव माना जा रहा है।


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