OLA: विवादों में आए कैब एग्रिग्रेटर ओला को केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने निर्देश दिए हैं। निर्देशों के मुताबिक ओला ऐप में बदलाव की सिफारिश दी गई है। साथ ही राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) के अनुसार, ओला के खिलाफ 2,061 शिकायतें दर्ज हुई हैं।
OLA के खिलाफ सख्त एक्शन
टैक्सी सर्विस देने वाली कंपनी ओला कैब्स (OLA Cabs) की मनमानी पर सरकार सख्त हो गई। दरअसल, सेंटल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने ओला कैब्स (OLA Cabs) को ‘कंज्यूमर सेंट्रिक’ लागू करने का निर्देश दिया है। इसमें रिफंड के ऑप्शन देना और ‘ऑटो राइड’ के लिए बिल देना शामिल है।
बैंक अकाउंट में रिफंड का नहीं था ऑप्शन
चीफ कमिश्नर निधि खरे की अगुवाई में CCPA ने पाया कि ओला की रिफंड पॉलिसी में केवल भविष्य की राइड के लिए कूपन कोड दिए गए थे, जबकि कंज्यूमर को बैंक अकाउंट में रिफंड का ऑप्शन नहीं दिया गया था। CCPA ने एक बयान में कहा, ”यह चलन कंज्यूमर अधिकारों का उल्लंघन करता है।”
बिल जारी करने का भी आदेश
रेगुलेटर CCPA ने कहा कि ‘नो-क्वेश्चन-ऑस्क्ड रिफंड’ पॉलिसी का मतलब यह नहीं हो सकता कि कंपनी लोगों को केवल दूसरी सवारी लेने के लिए इस सुविधा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करे। रेगुलेटर ने ओला को अपने प्लेटफॉर्म के जरिए बुक की गई सभी ‘ऑटो राइड’ के लिए बिल जारी करने का भी आदेश दिया।
कंज्यूमर हेल्पलाइन 2,061
नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) के अनुसार, 1 जनवरी 2024 से 9 अक्टूबर 2024 तक ओला के खिलाफ 2,061 शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें ज्यादातर शिकायतें बुकिंग के समय से ज्यादा किराया और ग्राहकों को रकम वापस न करने की थीं।


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