Petrol Diesel Price 23 Mar 2026: मिडिल ईस्ट में जंग के बाद कच्चे तेल के भाव में उतार-चढ़ाव जारी है। ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से स्थिति पूरी तरह बदल गई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $71 प्रति बैरल से बढ़कर $100 से भी ज़्यादा हो गई हैं। यह लगभग 45 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है। बता दें कि दक्षिण पूर्व एशिया में ईंधन संकट बढ़ता ही जा रहा है।
वहीं भारत में हर दिन की तरह आज 23 मार्च, 2026 सरकारी तेल कंपनियों ने सुबह 6 बजे पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कीं। भारत में ईंधन की कीमतें रोजाना जारी की जाती हैं, और ये बदलाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के रेट, रुपये-डॉलर की विनिमय दर, टैक्स और डीलर मार्जिन जैसे कारकों पर निर्भर करते हैं। आइए आज की लेटेस्ट फ्यूल कीमतों पर नज़र डालते हैं।
Petrol Diesel News: देखें पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹94.77 | ₹87.67 |
| कोलकाता | ₹105.41 | ₹92.02 |
| मुंबई | ₹103.54 | ₹90.03 |
| चेन्नई | ₹100.80 | ₹92.39 |
| गुड़गाँव | ₹95.51 | ₹87.97 |
| नोएडा | ₹95.16 | ₹88.31 |
| बेंगलोर | ₹102.92 | ₹90.99 |
| भुवनेश्वर | ₹101.19 | ₹92.77 |
| चंडीगढ़ | ₹94.30 | ₹82.45 |
| हैदराबाद | ₹107.50 | ₹95.70 |
| जयपुर | ₹104.36 | ₹89.88 |
| लखनऊ | ₹94.85 | ₹87.99 |
| पटना | ₹105.60 | ₹91.84 |
CNG Rate Today: देखे CNG के लेटेस्ट रेट

| शहर | दाम (₹) |
|---|---|
| नई दिल्ली | ₹77.09 |
| मथुरा | ₹93.85 |
| मुंबई | ₹77.00 |
| हैदराबाद | ₹96.00 |
| मेरठ | ₹86.05 |
| चेन्नई | ₹91.50 |
| बैंगलोर | ₹90.10 |
Petrol Diesel Price 23 Mar 2026: घर बैठे कैसे चेक करें पेट्रोल डीजल रेट
| तरीका | कैसे चेक करें |
|---|---|
| SMS से | IOC: RSP <City Code> भेजें 9224992249 पर BPCL: RSP <City Name> भेजें 9223112222 पर HPCL: HPPRICE <City Name> भेजें 9222201122 पर |
| ऑफिशियल वेबसाइट | संबंधित तेल कंपनी की वेबसाइट पर जाएँ और “Fuel Price” सेक्शन में शहर चुनें |
| मोबाइल ऐप | कंपनी की आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें और अपना शहर सेलेक्ट करें |
| गूगल सर्च | गूगल में टाइप करें: “Petrol price in + अपने शहर का नाम” |
| न्यूज़ ऐप/टीवी | न्यूज ऐप या टीवी चैनल पर दैनिक फ्यूल रेट देखें |
Middle East War Oil Impact: मिडिल ईस्ट जंग के कारण कच्चे तेल पर पड़ा असर
मिडिल ईस्ट में युद्ध का तेल पर सीधा और गहरा असर पड़ता है, क्योंकि यह क्षेत्र दुनिया में कच्चे तेल का प्रमुख स्रोत है। युद्ध के दौरान तेल उत्पादन, रिफाइनरी और ट्रांसपोर्ट सिस्टम प्रभावित हो रही हैं, जिससे सप्लाई में कमी आ रही है। जब सप्लाई घटती है और मांग बनी रहती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ जाती हैं। इसका प्रभाव भारत जैसे देशों पर अधिक पड़ रहा है, जो अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करते हैं, जिससे पेट्रोल और डीज़ल महंगे कीमतों बढ़ रही हैं और महंगाई भी बढ़ रही है। इसके अलावा, वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होती है क्योंकि कंपनियों की लागत बढ़ती है और आर्थिक विकास धीमा पड़ सकता है।
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