मुंबई : विश्व बैंक के हिसाब से पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुआ करीब 13,000करोड़ रुपये का धोखाधड़ी मामला वास्तव में देश के वित्तीय क्षेत्र में किसी तरह की प्रणालीगत समस्या की ओर संकेत नहीं करता है। विश्व बैंक का यह मत उसकी की सहोदर संस्था अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की राय के उलट है। उसने इस तरह की धोखाधड़ियों से बचने के लिए बैंकों की संचालन व्यवस्था के स्तर पर और अधिकबदलाव लाने की बात कही थी। विश्व बैंक के भारत में निदेशक जुनैद कमाल अहमद ने कहा कि कोई भी घोटाला हमारे लिए हमेशा ही नियामकीय निगरानी व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है।
यह हमें मौका देता है कि हम देख सकें कि हमारी निगरानी प्रणालीया बैंकिंग क्षेत्र ठीक वैसा ही काम कर रहा है जैसा इसे करना चाहिए या नहीं। मैं एक घोटाले को पूरी प्रणाली के विफल होने के संकेत के रूप में नहीं देखता। वह यहां लॉजिस्टिक उद्योग के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने यहां स्वीकार किया कि भारत में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने के लिए बहुत से कदम उठाए गए हैं।
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