खुशखबरी! डॉलर के मुकाबले 40 पैसे मजबूत हुआ रुपया, कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट; ट्रंप के सीजफायर ऐलान का कमाल

Summary :

Rupee-Dollar Update: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच एक अच्छी खबर आई है। अमेरिका और ईरान ने अगले दो हफ्तों के लिए सीजफायर पर सहमति जताई है। इसका सीधा और सकारात्मक असर मुद्रा बाजार पर देखने को मिला है। भारतीय रुपया बुधवार को लगातार चौथे सत्र में मजबूत हुआ और डॉलर के मुकाबले 40 पैसे की बढ़त दर्ज की गई। यह तेजी दो हफ्ते के युद्धविराम (सीजफायर) के फैसले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और वैश्विक बाजारों में आई राहत के चलते देखने को मिली। इस दौरान, रुपया 0.4 प्रतिशत मजबूत होकर 92.61 प्रति…

Rupee-Dollar Update: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच एक अच्छी खबर आई है। अमेरिका और ईरान ने अगले दो हफ्तों के लिए सीजफायर पर सहमति जताई है। इसका सीधा और सकारात्मक असर मुद्रा बाजार पर देखने को मिला है। भारतीय रुपया बुधवार को लगातार चौथे सत्र में मजबूत हुआ और डॉलर के मुकाबले 40 पैसे की बढ़त दर्ज की गई। यह तेजी दो हफ्ते के युद्धविराम (सीजफायर) के फैसले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और वैश्विक बाजारों में आई राहत के चलते देखने को मिली। इस दौरान, रुपया 0.4 प्रतिशत मजबूत होकर 92.61 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद स्तर 93 से बेहतर है।

Rupee-Dollar Update: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर

Rupee-Dollar Update
Rupee-Dollar Update (Source: Social Media)

यह उछाल उस समय आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर का ऐलान किया, जिससे तनाव कम हुआ। इस प्रस्ताव में दो हफ्ते तक संघर्ष रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने की बात कही गई है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की और बताया कि उन्होंने अमेरिकी सेना को पीछे हटने के निर्देश दिए हैं, जबकि कुछ समय पहले ही उन्होंने कड़े बयान दिए थे।

कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट

इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ज्यों का त्यों रखा है। कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड करीब 16% यानी 17.39 डॉलर गिरकर 91.88 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया, जबकि यूएस डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 20% यानी 21.90 डॉलर टूटकर 91.05 डॉलर पर पहुंच गया।

सीजफायर की घोषणा ने कई हफ्तों से चल रही बाजार की अनिश्चितता के बीच निवेशकों के भरोसे को कुछ हद तक वापस लौटाया है। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि यह तेजी कितनी टिकेगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सीजफायर कितनी मजबूती से लागू होता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होती है या नहीं।

Rupee-Dollar Update: सीजफायर पर भरोसा या बढ़ता खतरा?

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Rupee-Dollar Update (Source: Social Media)

विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान ने इस सीजफायर को अस्थायी रूप से स्वीकार किया है, लेकिन इसके उल्लंघन की आशंका बनी हुई है, क्योंकि इजरायल के हमले जारी हैं, जिससे जवाबी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा स्तर पर रुपया इम्पोर्टरों के लिए उपयुक्त है, जबकि विदेशी निवेशक अभी भी भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे हैं।

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।