भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखी गई। बाजार के ज्यादातर मुख्य सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,018 अंक या 1.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,293 और निफ्टी 309 अंक या 1.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,071 पर था। बाजार का रुझान नकारात्मक था। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 532 शेयर हरे निशान में, 3,469 शेयर लाल निशान में और 96 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए हैं। बड़ी गिरावट के कारण बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केट कैप 9 लाख करोड़ रुपये गिरकर 408 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बड़ी बिकवाली देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,583 अंक या 3.02 प्रतिशत गिरकर 50,887 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 574 अंक या 3.45 प्रतिशत गिरकर 16,074 पर था।निफ्टी ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंस सर्विसेज, फार्मा, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इन्फ्रास्ट्रक्चर और मीडिया समेत सभी इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए हैं। सेंसेक्स पैक में 30 में से 29 शेयर लाल निशान में बंद हुए हैं।
जोमैटो, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, पावर ग्रिड, एलएंडटी, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचयूएल, सन फार्मा, टीसीएस, एमएंडएम, एनटीपीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप लूजर्स थे। केवल भारती एयरटेल ही हरे निशान में बंद हुआ है। बाजार में बड़ी गिरावट की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयातित स्टील और एल्युमिनियम उत्पादों पर लगाए गए 25 प्रतिशत ट्रैरिफ को माना जा रहा है। वहीं, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के सीआईओ एस नरेन की ओर से मिडकैप और स्मॉलकैप के अधिक वैल्यूएशन को लेकर दिया गया बयान भी छोटे और मझोले शेयरों में अधिक बिकवाली का कारण है। शेयर बाजार की शुरुआत भी गिरावट के साथ हुई थी। सुबह 9:30 बजे सेंसेक्स 172 अंक या 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,138 और निफ्टी 69 अंक या 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,315 पर था।


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