अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा टैरिफ के एक नए दौर की घोषणा के बाद एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। वैश्विक व्यापार और आर्थिक विकास पर टैरिफ के प्रभाव पर बढ़ती आशंकाओं को दर्शाते हुए, बाजार भारी गिरावट के साथ खुले। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 5.79 प्रतिशत की तीव्र गिरावट के साथ पूरे क्षेत्र में गिरावट का नेतृत्व कर रहा है। हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक लगभग 10 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ दूसरे स्थान पर है। ताइवान के ताइवान वेटेड इंडेक्स में भी भारी गिरावट देखी गई, जो शुरुआती कारोबार में 9.61 प्रतिशत कम हो गई। दक्षिण कोरिया का KOSPI सूचकांक 4.14 प्रतिशत नीचे था, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट इस रिपोर्ट को दाखिल करने के समय 6.5 प्रतिशत गिर गया।
🚨 Black Monday has already begun for the Asian stock market. pic.twitter.com/W5JmQFImAc
— MacroMicro (@MacroMicroMe) April 7, 2025
डाउ जोन्स में गिरावट
ऑस्ट्रेलिया के बेंचमार्क इंडेक्स S&P/ASX 200 में भी 3.82 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो दर्शाता है कि गिरावट केवल प्रमुख विनिर्माण अर्थव्यवस्थाओं तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में फैल गई थी। ट्रंप की टैरिफ घोषणा का असर अमेरिकी बाजारों में भी देखने को मिला। अमेरिकी शेयर सूचकांक डाउ जोन्स के वायदा में 2.22 प्रतिशत की गिरावट आई, जो अमेरिकी बाजारों के लिए भी नकारात्मक शुरुआत का संकेत है।
लाल निशान पर खुला Indian Stock Market, Asian Markets भी धड़ाम
निवेशकों में बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक इक्विटी बाजारों में जारी गिरावट टैरिफ के कारण बढ़ती अनिश्चितता के कारण है। नए टैरिफ उपायों ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर काले बादल छाए हैं। टैरिफ कार्यान्वयन शुरू होने के बाद अमेरिका को निर्यात पर बहुत अधिक निर्भर रहने वाली प्रमुख एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर भारी असर पड़ने की उम्मीद है। निवेशकों को चिंता है कि वैश्विक व्यापार में काफी गिरावट आ सकती है, जिससे दुनिया भर में कॉर्पोरेट आय और आर्थिक विकास प्रभावित हो सकता है। बाजार की प्रतिक्रिया अंतरराष्ट्रीय व्यापार के भविष्य और वैश्विक अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य के बारे में निवेशकों के बीच बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है।


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