निफ्टी 394 अंक टूटा, वहीं सेंसेक्स में करीब 1300 अंकों की गिरावट, शेयर मार्केट क्यों हुआ लाल, जानें

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Stock Market Crash : घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे इन्वेस्टर्स में चिंता का माहौल बन गया। इंटरनेशनल उथलपुथल और फ़ॉरेन इन्वेस्टर्स की बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव साफ नजर आया। कारोबारी सत्र के अंत में प्रमुख सूचकांक भारी नुकसान के साथ बंद हुए। सेंसेक्स करीब 1300 अंकों की गिरावट के साथ 76,863 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 394 अंक टूटकर 23,866 के आसपास आकर ठहर गया। बाजार की इस गिरावट का असर लगभग सभी सेक्टरों पर पड़ा और ज्यादातर शेयर लाल निशान में बंद हुए। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा…

Stock Market Crash : घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे इन्वेस्टर्स में चिंता का माहौल बन गया। इंटरनेशनल उथलपुथल और फ़ॉरेन इन्वेस्टर्स की बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव साफ नजर आया। कारोबारी सत्र के अंत में प्रमुख सूचकांक भारी नुकसान के साथ बंद हुए। सेंसेक्स करीब 1300 अंकों की गिरावट के साथ 76,863 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 394 अंक टूटकर 23,866 के आसपास आकर ठहर गया। बाजार की इस गिरावट का असर लगभग सभी सेक्टरों पर पड़ा और ज्यादातर शेयर लाल निशान में बंद हुए।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा दबाव

बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह Foreign Institutional Investor (FII) की लगातार बिकवाली रही। हालिया आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने हजारों करोड़ रुपये के शेयर बाजार से निकाले हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है। हालांकि Domestic Institutional Investors (DII) ने कुछ हद तक खरीदारी की, लेकिन यह विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं रही। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय उथल पुथल के चलते फिलहाल विदेशी निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।

मुनाफावसूली से भी टूटा बाजार

पिछले कुछ समय से बाजार में लगातार तेजी देखी जा रही थी। इसी का फायदा उठाते हुए कई निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे सूचकांकों पर दबाव बढ़ गया। ऑटो, बैंकिंग और फाइनैन्स सेक्टर के कई बड़े शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फाइनेंस जैसे प्रमुख शेयरों में करीब 3 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। बैंकिंग सेक्टर में कमजोरी ने भी बाजार को नीचे खींचने में बड़ी भूमिका निभाई।

मिडिल ईस्ट में तनाव से बढ़ी चिंता

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने इंटरनेशनल मार्केट में भी instability (अस्थिरता) पैदा कर दी है। इस वैश्विक तनाव का असर निवेशकों के मनोबल पर साफ दिखाई दे रहा है। आशंका है कि अगर यह तनाव लंबा चलता है तो इसका असर विश्व अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ सकता है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी आई है, लेकिन अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।

आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होता है और विदेशी निवेशक फिर से भारतीय बाजार में खरीदारी शुरू करते हैं, तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है। फिलहाल निवेशकों को सतर्कता के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।