ईरान-अमेरिका की भीषण जंग में किसका साथ देगा Italy? जानें PM मेलोनी ने क्या बताया

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Giorgia Meloni on Middle East Crisis: मध्य पूर्व के हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। पूरी दुनिया इसे लेकर फिक्रमंद है। इस बीच, यूरोपीय देश गल्फ देशों की मदद करने को तो तैयार हैं लेकिन अमेरिका के साथ रिश्तों को लेकर सशंकित भी। इटली भी उनमें से एक है। प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अपनी संसद में कहा है कि वह “न तो युद्ध में शामिल हैं और न इससे पूरी तरह अलग-थलग हैं।” मेलोनी ने ईरान को परमाणु हथियार से रोकने की बात की सीनेट में मेलोनी ने कहा, “यह सरकार न तो दूसरों के फैसलों में भागीदार है, न ही…

Giorgia Meloni on Middle East Crisis: मध्य पूर्व के हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। पूरी दुनिया इसे लेकर फिक्रमंद है। इस बीच, यूरोपीय देश गल्फ देशों की मदद करने को तो तैयार हैं लेकिन अमेरिका के साथ रिश्तों को लेकर सशंकित भी। इटली भी उनमें से एक है। प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अपनी संसद में कहा है कि वह “न तो युद्ध में शामिल हैं और न इससे पूरी तरह अलग-थलग हैं।”

मेलोनी ने ईरान को परमाणु हथियार से रोकने की बात की

सीनेट में मेलोनी ने कहा, “यह सरकार न तो दूसरों के फैसलों में भागीदार है, न ही यूरोप में अलग-थलग है, और न ही इस संकट के नागरिकों और व्यवसायों पर पड़ने वाले आर्थिक परिणामों के लिए जिम्मेदार है। हाल के दिनों में मैंने जो कुछ भी सुना है, वे इस संवेदनशील भू-राजनीतिक क्षेत्र में हमारी प्रतिबद्धता के साथ न्याय नहीं करते हैं, जिसे हमने हाल के दिनों में और तेज कर दिया है।”

इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि ईरान को मिसाइल कैपेबिलिटी के साथ-साथ परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जा सकती, जिससे वह जल्द ही यूरोप पर हमला कर सके। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा होने से न्यूक्लियर हथियारों की रेस शुरू हो सकती है।

मेलोनी ने खाड़ी देशों को हवाई रक्षा मदद की पुष्टि की

इसके साथ ही मेलोनी ने स्वीकार किया कि इटली, खाड़ी देशों को हवाई रक्षा संसाधन उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा, “जैसा कि संसद में पहले ही चर्चा हो चुकी है, हम खाड़ी देशों को हवाई रक्षा संसाधन मुहैया करा रहे हैं, जैसा कि अन्य प्रमुख यूरोपीय देशों-विशेष रूप से यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और जर्मनी ने भी किया है। ऐसा न केवल इसलिए है कि वे इटली के मित्र और रणनीतिक साझेदार हैं, बल्कि इसलिए भी कि उस क्षेत्र में हजारों इतालवी नागरिक रहते हैं जिनकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है, साथ ही खाड़ी में लगभग 2,000 इतालवी सैनिक तैनात हैं। यह यूरोपीय एकजुटता का एक आवश्यक कदम है, लेकिन साथ ही साथ रोकथाम का भी।”

मेलोनी ने कूटनीति से स्थिरता की जरूरत पर जोर दिया

इटली की पीएम ने कूटनीति के जरिए मामले को हल कराने की जरूरत पर बल दिया। मेलोनी ने कहा, “हम अपने यूरोपीय साझेदारों के साथ संबंध बनाए रखने और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” मेलोनी ने कूटनीति की ओर लौटने की संभावनाओं का आकलन करने की योजना का भी जिक्र किया; हालांकि, उन्होंने कहा कि “जब तक ईरान अपने हमले जारी रखता है, तब तक यह संभव नहीं है।”

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।