Arvind Kejriwal News: देश में बढ़ते एलपीजी गैस संकट को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति और प्रधानमंत्री के फैसलों की वजह से देश आज गंभीर गैस संकट का सामना कर रहा है। केजरीवाल ने कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे तो लाखों लोगों की नौकरियां जा सकती हैं और कई उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।
बुधवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने केंद्र सरकार से इस संकट का समाधान निकालने की मांग की। इस दौरान आप सांसद Sanjay Singh और नेता Jasmine Shah भी मौजूद रहे।
Arvind Kejriwal News: देश में एलपीजी गैस की भारी कमी

प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने कहा कि इस समय देश में एलपीजी गैस की भारी कमी हो गई है। गैस केवल घरों में खाना बनाने के लिए ही नहीं बल्कि होटल, रेस्टोरेंट, छोटे उद्योगों और कई व्यावसायिक गतिविधियों में भी उपयोग होती है। ऐसे में इसकी कमी का असर सीधे आम लोगों और व्यापार पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत में एलपीजी की खपत का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है। देश में जितनी गैस की जरूरत होती है, उसका लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आता है। लेकिन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण इस आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है। केजरीवाल के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति में अचानक आई कमी की वजह से पूरे देश में संकट की स्थिति पैदा हो गई है।
स्टेट ऑफ हार्मोस बंद होने से सप्लाई पर असर

केजरीवाल ने दावा किया कि भारत को मिलने वाली आयातित एलपीजी का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा Strait of Hormuz से होकर आता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से तेल और गैस की बड़ी मात्रा का परिवहन होता है। उनका कहना था कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते इस समुद्री मार्ग से भारतीय जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके कारण एलपीजी की सप्लाई में बड़ी गिरावट आई है और देश में गैस की उपलब्धता लगभग 50 प्रतिशत तक घट गई है। उन्होंने कहा कि सप्लाई में इतनी बड़ी गिरावट का असर पूरे देश में दिखाई दे रहा है और इसका सबसे ज्यादा नुकसान छोटे व्यापारियों और आम लोगों को हो रहा है।
होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर

केजरीवाल ने कहा कि एलपीजी संकट का सबसे बड़ा प्रभाव होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ रहा है। उनके अनुसार केंद्र सरकार ने कई जगहों पर कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई सीमित कर दी है, जिसके कारण रेस्टोरेंट और होटल संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि होटल और रेस्टोरेंट आमतौर पर बड़ी मात्रा में गैस का स्टॉक नहीं रखते क्योंकि सुरक्षा कारणों से उन्हें रोजाना की जरूरत के हिसाब से सिलेंडर दिए जाते हैं। ऐसे में यदि अचानक सप्लाई रुक जाती है तो उनके पास केवल एक-दो दिन का ही गैस स्टॉक रहता है। यही वजह है कि कई शहरों में रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं।
कई राज्यों में हजारों होटल बंद होने की आशंका
केजरीवाल ने दावा किया कि मुंबई में पहले ही लगभग 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो अगले कुछ दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में करीब 10 हजार होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। वहीं पंजाब, दिल्ली-एनसीआर और कई अन्य राज्यों में भी इसी तरह की स्थिति बन रही है। उनके अनुसार यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो देश भर में हजारों छोटे व्यवसाय बंद हो सकते हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका प्रभावित होगी।
शादी और अन्य कार्यक्रम भी हो सकते हैं प्रभावित
केजरीवाल ने कहा कि इस समय देश में शादी का सीजन चल रहा है और ऐसे में गैस की कमी के कारण कैटरिंग और भोज जैसी सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एलपीजी की कमी लंबे समय तक बनी रहती है तो कई परिवारों को अपने शादी समारोह टालने पड़ सकते हैं। इसके अलावा बेंगलुरु, हैदराबाद, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों में भी होटल और फूड इंडस्ट्री को इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उद्योगों पर भी दिख रहा असर
केजरीवाल ने कहा कि एलपीजी संकट का असर केवल होटल उद्योग तक सीमित नहीं है बल्कि कई उद्योगों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गुजरात का मोरबी शहर टाइल्स उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। वहां सैकड़ों कारखाने काम करते हैं, लेकिन गैस की कमी के कारण कई उद्योग बंद होने लगे हैं। उनका दावा है कि वहां करीब 650 उद्योगों में से लगभग 170 उद्योग बंद हो चुके हैं, जिससे हजारों मजदूरों की नौकरियां चली गई हैं।
बढ़ती ब्लैक मार्केटिंग पर चिंता
एलपीजी की कमी के बीच बाजार में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी भी बढ़ने लगी है। केजरीवाल ने कहा कि कई जगहों पर गैस सिलेंडर ज्यादा कीमत पर बेचे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को इस स्थिति पर नियंत्रण करना चाहिए, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि एक तरफ गैस की कमी है और दूसरी तरफ कीमतों में भी बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम लोगों पर दोहरा बोझ पड़ रहा है।
विदेश नीति को बताया संकट की वजह
केजरीवाल ने इस संकट के पीछे भारत की विदेश नीति को भी जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए संघर्षों के दौरान भारत को तटस्थ रहना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय तक गुटनिरपेक्ष नीति का पालन करता रहा है, जिसमें किसी भी अंतरराष्ट्रीय विवाद में सीधे किसी पक्ष का समर्थन नहीं किया जाता था। लेकिन उनके अनुसार मौजूदा समय में भारत की स्थिति बदलती नजर आ रही है और इसी वजह से देश के पुराने मित्र देशों के साथ संबंध प्रभावित हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना
केजरीवाल ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री Narendra Modi की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को अंतरराष्ट्रीय मामलों में सावधानी से कदम उठाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कुछ फैसलों की वजह से भारत के कई पुराने सहयोगी देशों के साथ रिश्तों में तनाव पैदा हुआ है, जिसका असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है। उनका कहना था कि विदेश नीति हमेशा देश के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए।
अमेरिका और ट्रंप का भी किया जिक्र
केजरीवाल ने अपने बयान में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत को किसी भी देश के दबाव में आकर फैसले नहीं लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ा और स्वतंत्र देश है, इसलिए उसकी विदेश नीति भी स्वतंत्र और संतुलित होनी चाहिए। उनका मानना है कि यदि विदेश नीति संतुलित होगी तो अंतरराष्ट्रीय संकटों का असर देश की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर कम पड़ेगा।
बेरोजगारी बढ़ने की आशंका
केजरीवाल ने चेतावनी दी कि यदि एलपीजी संकट जल्द खत्म नहीं हुआ तो इसका असर रोजगार पर भी पड़ेगा। उनके अनुसार होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों में काम करने वाले लाखों लोगों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि यदि बड़ी संख्या में उद्योग बंद हुए तो बेरोजगारी की समस्या और गंभीर हो जाएगी।
केंद्र सरकार से समाधान की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में केजरीवाल ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह जल्द से जल्द एलपीजी संकट का समाधान निकाले। उन्होंने कहा कि सरकार को विदेश नीति और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े फैसलों पर पुनर्विचार करना चाहिए ताकि देश में गैस की उपलब्धता सामान्य हो सके। केजरीवाल का कहना है कि यह केवल आर्थिक या राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा मामला है।
देशहित में मजबूत नीति की जरूरत
अंत में उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ा और महत्वपूर्ण देश है, इसलिए उसकी विदेश नीति भी मजबूत और संतुलित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे फैसले लेने चाहिए जो देश के दीर्घकालिक हितों को सुरक्षित रखें और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
केजरीवाल के अनुसार एलपीजी संकट जैसे मुद्दों से यह साफ हो जाता है कि ऊर्जा सुरक्षा और विदेश नीति के बीच गहरा संबंध है। इसलिए सरकार को इन दोनों क्षेत्रों में सावधानी और दूरदर्शिता के साथ कदम उठाने चाहिए।
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