जंग में तबाह हुआ शेयर बाजार, कुछ मिनट में डूबे 15 लाख करोड़, इन 5 कारणों से हुआ बाजार महाक्रैश

Summary :

Stock Market Crash Today: वैश्विक कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के भारतीय शेयर बाजार में कोहराम मच गया है और सुबह लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सुबह 9.22 बजे तक, सेंसेक्स 2,333 अंक या 2.96 प्रतिशत गिरकर 76,585 पर पहुंच गया था और निफ्टी 686 अंक या 2.81 प्रतिशत गिरकर 23,764 पर पहुंच गया था। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 में 3.28 प्रतिशत की गिरावट आई और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 3.37 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। आज कई कारणों से भारतीय शेयर बाजार में कोहराम मच गया है और…

Stock Market Crash Today: वैश्विक कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के भारतीय शेयर बाजार में कोहराम मच गया है और सुबह लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सुबह 9.22 बजे तक, सेंसेक्स 2,333 अंक या 2.96 प्रतिशत गिरकर 76,585 पर पहुंच गया था और निफ्टी 686 अंक या 2.81 प्रतिशत गिरकर 23,764 पर पहुंच गया था।

वहीं निफ्टी मिडकैप 100 में 3.28 प्रतिशत की गिरावट आई और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 3.37 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। आज कई कारणों से भारतीय शेयर बाजार में कोहराम मच गया है और कुछ ही मिनटों में निवेशकों के लगभग 15 लाख करोड़ रुपये डूब गए है। जानते है बाजार में इस महाक्रैश के 5 मुख्य कारण..

Stock Market Crash Today: शेयर बाजार में कोहराम

Stock Market Crash Today
Stock Market Crash Today

सभी क्षेत्रीय सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, जिनमें निफ्टी पीएसयू बैंक 5.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे अधिक नुकसान में रहा। निफ्टी प्राइवेट बैंक, ऑटो और मेटल क्रमशः 3.41 प्रतिशत, 3.98 प्रतिशत और 3.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ शीर्ष नुकसान में रहे। विश्लेषकों का कहना है कि निकट भविष्य में, बाजार में अस्थिरता और सीमित दायरे में गिरावट का रुझान रहने की संभावना है, जब तक कि भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं हो जाता, कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं हो जातीं, या निवेशकों का विश्वास बहाल करने के लिए सहायक व्यापक आर्थिक कारक सामने नहीं आते।

Stock Market Crash Reason

Stock Market Crash Today
Stock Market Crash Today

भारतीय शेयर बाजार में आज कई  कारणों से कोहराम मच गया है जिससे निवेशकों के लाखों करोड़ो रुपये डूब गए है। विस्तार से जानते है सभी कारण के बारे में..

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से बाधित होने और वैश्विक बाजारों में हलचल मचने के चलते कच्चे तेल की कीमतें लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में 25 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की गई है।

ग्लोबल स्तर पर टूटा बाजार

भारतीय बाजारों में गिरावट के साथ ही एशियाई बाजारों में कोहराम मचा हुआ है और जापान का निक्केई 225 सूचकांक 7 प्रतिशत गिरकर 52010 के स्तर पर आ गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 7.43 प्रतिशत गिरकर 5169 के स्तर पर पहुंच गया। जिसका असर भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला है।

रुपया हुआ कमजोर

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और डॉलर की बढ़ती मांग के बीच सोमवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सबसे निचले स्तर पर खुला। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.20 पर खुला और शुरुआती कारोबार के दौरान और कमजोर होकर 92.528 प्रति अमेरिकी डॉलर पर आ गया।

एफआईआई में बिकवाली

शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, 6 मार्च 2026 को विदेशी निवेशकों (एफआईआई) ने करीब 6,030 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव बना। वहीं घरेलू निवेशकों ने लगभग 6,972 करोड़ रुपए की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा दिया।

विश्व स्तर पर मंहगाई बढ़ने का खतरा

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच चौतरफा हलचल मची हुई है और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बाद अब महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है। माना जा रहा है कि अगर जंग लंबे समय तक जारी रहती है तो महंगाई विश्व स्तर पर तेजी से बढ़ सकती है जिसका असर हर क्षेत्र में देखने को मिलेगा।

ALSO READ:  मिडिल ईस्ट जंग से दहला शेयर बाजार, Sensex 2300 और Nifty 700+ अंक लुढ़का, अमेरिका से जापान तक निवेशकों में हाहाकार

Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।