शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह वैश्विक संकेतकों, मानसून की प्रगति तथा टीकाकरण अभियान से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। उनका कहना है कि इस सप्ताह घरेलू मोर्चे पर कोई प्रमुख वृहद आर्थिक आंकड़े नहीं आने हैं, इसलिए निवेशकों की निगाह वैश्विक बाजारों पर रहेगी।
उन्होंने कहा कि मासिक डेरिवेटिव्स अनुबंधों के निपटान की वजह से बाजार में उतार-चढ़ाव रह सकता है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष शोध अजित मिश्रा ने कहा कि बाजार ज्यादातर समय तक एक दायरे में रहेगा। हमारा मानना है कि जून माह के डेरिवेटिव्स अनुबंधों के निपटान की वजह से बाजार में उतार-चढ़ाव रहेगा। बाजार भागीदारों की निगाह वैश्विक बाजारों पर रहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा मानसून की प्रगति तथा टीकाकरण अभियान से भी बाजार की दिशा तय होगी।’’ मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘आगे चलकर मानसून और टीकाकरण की रफ्तार से बाजार को दिशा मिलेगी।
बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 130.31 अंक या 0.24 प्रतिशत नीचे आया। रिलायंस सिक्योरिटीज के रणनीति प्रमुख विनोद मोदी ने कहा, ‘‘निकट भविष्य में निवेशकों की निगाह संक्रमण की दर, टीकाकरण की रफ्तार तथा मानसून की प्रगति पर रहेगी।’’ उन्होंने कहा कि इसके अलावा निवेशकों की नजर ब्रेंट कच्चे तेल, रुपये के उतार-चढ़ाव और विदेशी कोषों के प्रवाह पर भी रहेगी। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘लघु अवधि में बाजार में एकीकरण का चरण जारी रहेगा।’’


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