Big News! TATA की OpenAI से बड़ी Partnership, 7 Billion Dollars का होगा इन्वेस्ट

Summary :

Tata Group Partnership With OpenAI: भारत की सबसे फेमस और बड़ी दिग्गज कंपनियों में शामिल Tata Group ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। समूह की आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को अपने डेटा सेंटर कारोबार के लिए एक वैश्विक स्तर (Global Level) का बड़ा कस्टमर मिला है। यह कस्टमर और कोई नहीं, बल्कि दुनिया में एआई क्रांति लाने वाली कंपनी OpenAI। इस समझौते के तहत TCS अपने डेटा सेंटर्स से शुरुआती स्टेप में 100 मेगावाट की क्षमता उपलब्ध कराएगी। यह साझेदारी एक बड़े वैश्विक मिशन (Global Mission) ‘स्टारगेट’ का हिस्सा मानी जा रही…

Tata Group Partnership With OpenAI: भारत की सबसे फेमस और बड़ी दिग्गज कंपनियों में शामिल Tata Group ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। समूह की आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को अपने डेटा सेंटर कारोबार के लिए एक वैश्विक स्तर (Global Level) का बड़ा कस्टमर मिला है।

यह कस्टमर और कोई नहीं, बल्कि दुनिया में एआई क्रांति लाने वाली कंपनी OpenAI। इस समझौते के तहत TCS अपने डेटा सेंटर्स से शुरुआती स्टेप में 100 मेगावाट की क्षमता उपलब्ध कराएगी। यह साझेदारी एक बड़े वैश्विक मिशन (Global Mission) ‘स्टारगेट’ का हिस्सा मानी जा रही है।

Tata Group Partnership With OpenAI: ‘स्टारगेट’ प्रोजेक्ट क्या है?

Tata Group Partnership With OpenAI ( source : AI ganrated)
Tata Group Partnership With OpenAI ( source : AI ganrated)
  • ‘स्टारगेट’ एक विशाल और लंबे समय तक चलने वाली अंतरराष्ट्रीय परियोजना है, जिसकी अनुमानित लागत 500 बिलियन डॉलर बताई जा रही है।
  • इसका उद्देश्य दुनियाभर में अत्याधुनिक डेटा सेंटर्स बनाना है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल को ट्रेन करने और उन्हें संचालित करने के लिए जरूरी उच्च स्तर की कंप्यूटिंग शक्ति प्रदान कर सकें।
  • एआई मॉडल को विकसित करने के लिए भारी मात्रा में डेटा प्रोसेसिंग और तेज कंप्यूटिंग की जरूरत होती है।
  • ऐसे में इस प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक तकनीक से लैस इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
  • दुनिया के कई बड़े निवेशक इस पहल में शामिल हैं और अब टाटा ग्रुप भी इस महत्वाकांक्षी योजना का अहम हिस्सा बन गया है।

Tata Consultancy Services: TCS का 7 बिलियन डॉलर का प्लान

Tata Group Partnership With OpenAI ( source : AI ganrated)
Tata Group Partnership With OpenAI ( source : AI ganrated)
  • यह समझौता टीसीएस के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
  • पिछले साल कंपनी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए घोषणा की थी कि वह भारत में लगभग 1 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर स्थापित करेगी।
  • इस परियोजना पर करीब 7 बिलियन डॉलर का निवेश किया जाएगा।
  • नई रणनीति के तहत शुरू किए गए इस कारोबार में OpenAI जैसे बड़े ग्राहक का शुरुआती चरण में जुड़ना इस बात का संकेत है कि कंपनी की योजना और समय-निर्धारण दोनों सही दिशा में हैं।
  • इससे टीसीएस को वैश्विक डेटा सेंटर बाजार में मजबूत पहचान बनाने में मदद मिलेगी।

AI infrastructure: AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत की बढ़ती भूमिका

  • भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो रहा है।
  • केवल TATA ही नहीं, बल्कि Google, Amazon, Microsoft और Meta जैसी बड़ी टेक कंपनियां भी भारत में अपने डेटा सेंटर और तकनीकी निवेश बढ़ा रही हैं।
  • इसके अलावा रिलायंस और अडानी समूह जैसी भारतीय कंपनियां भी इस क्षेत्र में एक्टिव हैं।
  • भारत में AI सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। OpenAI के अनुसार, भारत में हर सप्ताह करोड़ों लोग Chatgpt का उपयोग कर रहे हैं।
  • ऐसे में देश के मजबूत मजबूत डेटा सेंटर होने से सेवाओं की स्पीड बेहतर होगी और यूजर्स को अधिक स्थिर और तेज अनुभव मिलेगा।
  • इससे भारत डिजिटल अर्थव्यवस्था में और मजबूत बन सकता है।

टाटा ग्रुप में ChatGPT Enterprise का इस्तेमाल

  • इस साझेदारी का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि TATA ग्रुप केवल तकनीकी सेवाएं ही नहीं देगा, बल्कि खुद भी AI तकनीक को अपनाएगा।
  • एक अलग समझौते के तहत टाटा ग्रुप अपनी विभिन्न कंपनियों में ‘ChatGPT Enterprise’ लागू करने की योजना बना रहा है।
  • यह प्रक्रिया स्टेप- वाइज-स्टेप तरीके से पूरी की जाएगी और शुरुआत में लाखों कर्मचारियों को इस तकनीक से जोड़ा जाएगा।
  • इससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और कई कार्य अधिक सरल बन सकेंगे।
  • आधुनिक AI टूल्स के इस्तेमाल से कंपनी की उत्पादकता और नवाचार क्षमता में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।

भारत के लिए क्यों है यह डील खास?

  • यह साझेदारी केवल एक व्यावसायिक समझौता नहीं है, बल्कि यह भारत के तकनीकी भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • इससे देश में बड़े स्तर पर निवेश आएगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारत Global Ai Map पर और मजबूत स्थिति में दिखाई देगा।
  • टाटा ग्रुप और OpenAI के बीच यह सहयोग दर्शाता है कि भारत अब केवल आईटी सेवाओं का केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य की AI इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
  • आने वाले समय में यह कदम भारतीय टेक इंडस्ट्री के लिए नए अवसरों के द्वार खोल सकता है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।