‘केवल उन्होंने ही अपनी मां का दूध…’, Mohan Bhagwat के 20 करोड़ मुसलमानों की घर वापसी पर अरशद मदनी का करारा जवाब

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Maulana Arshad Madani Statement: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रेसिडेंट मौलाना अरशद मदनी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के चीफ मोहन भागवत के “घर वापसी” और डेमोग्राफिक मुद्दों पर किए गए उनके कमेंट्स पर निशाना साधा था। मदनी ने चेतावनी दी कि ऐसे बयान नफरत को बढ़ावा देते हैं और भारत के संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करते हैं। अब इस मामले में गुरुवार को BJP और उसके साथियों ने कड़ी आलोचना की। तो चलिए जानते हैं मदनी ने मोहन भागवत के किन-किन बयानों को समाज के लिए घातक बताया है। इस बयान के बाद कई तरह की चर्चाएं भी हो रही है।…

Maulana Arshad Madani Statement: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रेसिडेंट मौलाना अरशद मदनी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के चीफ मोहन भागवत के “घर वापसी” और डेमोग्राफिक मुद्दों पर किए गए उनके कमेंट्स पर निशाना साधा था। मदनी ने चेतावनी दी कि ऐसे बयान नफरत को बढ़ावा देते हैं और भारत के संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करते हैं। अब इस मामले में गुरुवार को BJP और उसके साथियों ने कड़ी आलोचना की। तो चलिए जानते हैं मदनी ने मोहन भागवत के किन-किन बयानों को समाज के लिए घातक बताया है। इस बयान के बाद कई तरह की चर्चाएं भी हो रही है।

Maulana Arshad Madani on ghar wapasi: मदनी ने एक्स पोस्ट के जरिए किया पलटवार

हालांकि, बुधवार को X पर एक पोस्ट में, मदनी ने “बीस करोड़ मुसलमानों” के लिए “घर वापसी” आयोजित करने की मांग को पिछले सात दशकों में पहली बार और बहुत परेशान करने वाला बताया। उन्होंने लिखा, “कोई भी आवाज जो देश को बर्बादी, तबाही, अशांति और आपसी दुश्मनी की ओर ले जाए, वह देश के प्रति वफादारी की आवाज नहीं हो सकती।”

Maulana Arshad Madani Statement: देश में हिंसा का माहौल बना हुआ है – मदनी

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि देश में “हत्या और हिंसा का माहौल” देखा जा रहा है, उन्होंने कथित तौर पर गोरक्षा से जुड़ी लिंचिंग और हत्याओं की घटनाओं का जिक्र किया। मदनी ने दावा किया कि ऐसी घटनाओं के बावजूद, सरकार चुप है, जबकि कुछ ग्रुप यह बात फैला रहे हैं कि सिर्फ़ एक खास सोच को मानने वालों को ही भारत में रहने का हक है।

Arshad Madani On Mohan Bhagwat: बीजेपी ने जमकर लगाई फटकार

BJP और उसके साथियों ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मदनी पर बांटने वाली बातें करने का आरोप लगाया। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के चीफ और उत्तर प्रदेश के मंत्री ओ.पी. राजभर ने IANS से ​​बात करते हुए कहा, “ये मौलवी और धार्मिक नेता जो बयान दे रहे हैं, वे समुदाय की शिक्षा के बारे में बात क्यों नहीं करते? वे समुदाय की सेहत की परवाह क्यों नहीं करते? वे समुदाय के लिए रोज़गार और नौकरियों के बारे में क्यों नहीं बोलते? वे समुदाय के रिप्रेजेंटेशन पर बात क्यों नहीं करते? इसके बजाय, वे समुदाय को नफ़रत की भाषा सिखाते हैं।”

UP BJP MLA नंदकिशोर गुर्जर ने तीखा हमला करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि जमीयत का यह आदमी कहीं न कहीं आतंकवादियों को कानूनी सलाह देता है और उन्हें वकील देता है। वह जहाँ भी आतंकवादियों की मौत पर दुखी होता है, वहां जाता है। ये भारत में ISI एजेंट हैं। उसे पाकिस्तान चले जाना चाहिए; वहीं उसका ठिकाना है।”

Mohan Bhagwat ने क्या कहा था?

Mohan Bhagwat

बता दें कि मदनी की यह बात मोहन भागवत के लखनऊ के सरस्वती शिशु मंदिर में एक सामाजिक सद्भाव कार्यक्रम को संबोधित करने के एक दिन बाद आई। भागवत ने हिंदू समाज के अंदर ज़्यादा एकता की अपील की और सतर्क रहने की अपील की, साथ ही यह भी कहा कि हिंदुओं को किसी से “खतरा” नहीं है। बाद में जारी एक बयान के मुताबिक, भागवत ने “घर वापसी” प्रोसेस में तेज़ी लाने की भी अपील की और इसकी ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन लोगों की देखभाल करना जो हिंदू धर्म में वापस आना चाहते हैं।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।