भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने उद्योग जगत की मांग के विपरीत स्पेक्ट्रम आवंटन के बारे में सलाह-मशविरा की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का इरादा जाहिर किया है। उद्योग जगत इस संबंध में प्रक्रिया को कुछ समय के लिए टालने की मांग कर रहा है। ट्राई के चेयरमैन आर एस शर्मा ने कहा कि विभिन्न बैंड, कीमत एवं अन्य प्रकार के स्पेक्ट्रम आवंटन के इस मामले में सरकार ने नियामक को सुझाव देने के लिए कहा है और यह नियामक का उत्तरदायित्व है।
शर्मा ने फिलहाल सलाह प्रक्रिया रोकने की उद्योग जगत की मांग माने जाने संबंधी सवाल पूछे जाने पर कहा, इसे रोकने का कोई सवाल ही नहीं है। निश्चित हम खुली चर्चा के मामले में आगे बढ़गे। हम खुली चर्चा पूरी करेंगे और सरकार को उसकी जरूरत के हिसाब से सुझाव देंगे। उन्होंने आगे कहा कि विभिन्न पक्षों की राय जनने के लिए चर्चा करने में कोई गलती नहीं है। यह पारदर्शिता को बढ़ाता ही है। उन्होंने कहा, यह (चर्चा नहीं होने देना) किसी को बोलने से मना करना है। यह ठीक नहीं है।
हम विभिन्न पक्षों से सिर्फ चर्चा ही कर रहे हैं, इसमें गलत क्या है? उल्लेखनीय है कि भारती एयरटेल और आइडिया सेल्यूलर जैसी दूरसंचार कंपनियां उद्योग जगत में अभी चल रही दर प्रतिस्पर्धा (प्राइस वार) का हवाला देते हुए प्रक्रिया को टालने की मांग कर रही हैं। एयरटेल ने ट्राई से कहा है कि स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए 2018-19 की अंतिम तिमाही उपयुक्त होगी। उसने कहा है कि इसकी प्रक्रिया सितंबर-दिसंबर 2018 के बीच शुरू की जानी चाहिए।


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