UAE’s IHC Adani Group Plan: ओडिशा जल्द ही भारत के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में शामिल होने जा रहा है। दरअसल अडानी ग्रुप ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की कंपनी इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) के साथ मिलकर ओडिशा में 11.5 बिलियन डॉलर (करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये) का एल्युमिनियम प्रोजेक्ट लगाने का फैसला किया है। यह निवेश (Foreign Investment) सिर्फ एक नया कारखाना लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे राज्य में रोजगार, उद्योग और स्थानीय कारोबार को भी बड़ी रफ्तार मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा रोजगार के रूप में देखने को मिलेगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्लांट के निर्माण के दौरान करीब 35,000 लोगों को काम मिलने की संभावना है। वहीं, परियोजना शुरू होने के बाद लगभग 18,500 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट, होटल, छोटे कारोबार, मशीन सप्लाई और अन्य सेवाओं से जुड़े हजारों लोगों को भी अप्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा। यानी यह प्रोजेक्ट पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
एक ही जगह होगा पूरा एल्युमिनियम उत्पादन

इस मेगा प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि एल्युमिनियम बनाने की पूरी प्रक्रिया एक ही परिसर में पूरी होगी। इसके तहत 40 लाख टन क्षमता की एल्युमिना रिफाइनरी, 20 लाख टन क्षमता का एल्युमिनियम स्मेल्टर और 10 लाख टन क्षमता वाला डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम पार्क बनाया जाएगा। इस व्यवस्था से उत्पादन तेज होगा, लागत कम होगी और भारत की एल्युमिनियम इंडस्ट्री को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
इतने बड़े उद्योग को लगातार बिजली देने के लिए 4,000 मेगावाट क्षमता का पावर प्लांट भी तैयार किया जाएगा। इसमें 400 मेगावाट ग्रीन एनर्जी को भी शामिल किया जाएगा, ताकि उद्योग के साथ पर्यावरण का संतुलन भी बना रहे।
ओडिशा क्यों बना पहली पसंद?

ओडिशा में एल्युमिनियम बनाने के लिए जरूरी खनिज बड़ी मात्रा में मौजूद हैं। यही कारण है कि कंपनियों ने इस राज्य को अपने बड़े निवेश के लिए चुना। कच्चा माल आसानी से मिलने के कारण उत्पादन आसान होगा और उद्योग को लंबे समय तक फायदा मिलेगा।
यह निवेश भारत को एल्युमिनियम उत्पादन के क्षेत्र में और मजबूत बनाएगा। देश में तैयार होने वाले उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा, विदेशी निवेश आकर्षित होगा और ‘मेक इन इंडिया’ को नई ताकत मिलेगी।
आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

भुवनेश्वर में हुए समझौते के दौरान अडानी समूह ने कहा कि यह परियोजना सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास का नया अध्याय है। इससे ओडिशा में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, नए उद्योग लगेंगे और स्थानीय लोगों के लिए लंबे समय तक रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।
अगर योजना तय समय पर पूरी होती है, तो आने वाले वर्षों में ओडिशा देश का सबसे बड़ा एल्युमिनियम मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है। इससे राज्य के साथ-साथ भारत की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।


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