Commissioner System in Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसी क्रम में रायपुर कमिश्नरेट द्वारा एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बेहतर पुलिसिंग के मूल मंत्र बताए।
‘जनविश्वास ही पुलिस की वास्तविक शक्ति’
सेमिनार को संबोधित करते हुए कमिश्नर संजीव शुक्ला ने कहा कि जनविश्वास ही पुलिस की वास्तविक शक्ति है। कमिश्नरी सिस्टम का उद्देश्य केवल प्रशासनिक अधिकारों का विस्तार करना नहीं है, बल्कि जनता और पुलिस के बीच भरोसे का मजबूत सेतु स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि जब तक आम नागरिक पुलिस पर विश्वास नहीं करेगा, तब तक कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना संभव नहीं है।
बेसिक पुलिसिंग और शालीन व्यवहार पर कमिश्नर का जोर
कमिश्नर ने अधिकारियों को बेसिक पुलिसिंग के सिद्धांतों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत आचरण, शालीन व्यवहार और नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुनकर उनका वैधानिक समाधान करना ही जनविश्वास की मजबूत नींव है। उन्होंने स्वीकार किया कि कई मामलों में नागरिकों को अपेक्षित सुनवाई नहीं मिल पाती, जिससे पुलिस की छवि प्रभावित होती है। ऐसी कमियों को सुधारात्मक सोच के साथ दूर करना आवश्यक है।
Chhattisgarh News: पुलिस बल में अनुशासन और जवाबदेही जरुरी

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान ही पुलिस के प्रति भरोसा पैदा कर सकता है। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस बल में अनुशासन और जवाबदेही अनिवार्य है।
कमिश्नर संजीव शुक्ला ने यह भी कहा कि अपराधियों के प्रति कानून सख्त होने पर ही आम नागरिक पुलिस के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाएंगे। निष्पक्ष, संवेदनशील और सख्त पुलिसिंग ही कमिश्नरेट प्रणाली की वास्तविक सफलता तय करेगी।
रिपोर्ट- आशीष शर्मा
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